महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू दशरथ राम जी के स्मृति दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई
अशोक वर्मा
रोहतास: प्रदेश का रोहतास जिला स्वतंत्रता सेनानियों का गढ़ रहा है। एक से बढ़कर एक स्वतंत्रता सेनानी का यहाँ जन्म हुआ और आजादी की लड़ाई में वे अपने प्राणों की आहुति दी। सैकड़ो सेनानी जेल गए और भारत माता को बेडियो से आजाद कराया। इस श्रृंखला में बाबू दशरथ राम जी का नाम आता है जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में संपूर्ण रोहतास जिले में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, कई बार उन्हें जेल जाना पड़ा और जेल की यातनाये सहनी पड़ी। जीवन भर खद्दर धारी रहे तथा कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे। आजादी के बाद स्वतंत्र भारत को सजाने संवारने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई। आजादी के बाद राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री द्वारा उन्हें सम्मानित होने का भी गौरव प्राप्त हुआ। आजादी के 79 वर्ष के बाद उनके उत्तराधिकारी लगातार देश के नवनिर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं सभी उत्तराधिकारी स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति को मजबूत करने का विकास कर रहे हैं ताकि उत्तराधिकारी परिवार के समस्याओं का समाधान हो सके साथ-साथ सरकार के पास हमारी मांगे पहुंचे इसके लिए सभी प्रयासरत हैं। महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू दशरथ राम जी की स्मृति में एक समारोह का आयोजन किया गया जहां उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर सेनानी उत्तराधिकारियों ने प्रकाश डाला, सभी ने महान सेनानी बाबु दशरथ राम के परिकल्पना को धरातल पर उतारने का संकल्प किया।
