नेवरी रिंग रोड गोलंबर पर ‘दिशोम गुरु’ की 13 फीट ऊंची प्रतिमा निर्माण शुरू

360° Ek Sandesh Live

By Mustaffa

​अशोक स्तंभ के पुराने प्रस्ताव को लेकर मुखिया ने जताया विरोध,काम रुका था

​प्रशासनिक मुस्तैदी और पुलिस बल की मौजूदगी में दोबारा काम हुआ शुरू

मेसरा: बीआईटी मेसरा ओपी क्षेत्र के नेवरी स्थित रिंग रोड गोलंबर चौक पर ‘दिशोम गुरु’ स्वर्गीय शिबू सोरेन की 13 फीट ऊंची आदमकद प्रतिमा लगाने को लेकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। दावा किया जा रहा है कि यह राज्य में शिबू सोरेन की पहली आदमकद प्रतिमा होगी। हालांकि,इस निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध के सुर भी उभर आए हैं। ​शुक्रवार को प्रतिमा निर्माण का काम शुरू किया गया था,लेकिन कुछ स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधि के विरोध के बाद इसे रोक दिया गया था। इसके बाद शनिवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करते हुए काम दोबारा शुरू कराया गया। मौके पर सदर डीएसपी संजीव कुमार बेसरा,सिल्ली डीएसपी मनीष चंद्र लाल,बीआईटी मेसरा ओपी थाना प्रभारी अजय कुमार दास,कांके बीडीओ विजय कुमार और कांके सीओ अमित भगत भारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे। ​मुखिया ने दर्ज कराया विरोध: नेवरी के वर्तमान मुखिया साधो उरांव ने चौक पर प्रतिमा स्थापित किए जाने का खुलकर विरोध किया है। उन्होंने बताया कि लगभग पांच वर्ष पूर्व तत्कालीन मुखिया शांति कुमारी मुंडा के कार्यकाल में ग्राम सभा के माध्यम से इसी चौक पर ‘अशोक स्तंभ’ लगाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ था। इस प्रस्ताव की लिखित सूचना रांची उपायुक्त,कांके सीओ कार्यालय,स्थानीय थाना और सांसद संजय सेठ सहित सभी संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी थी। इससे पूरे पंचायत के लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। हम गुरुजी का पूरा सम्मान करते हैं,लेकिन पूर्व से तय स्थल पर प्रस्ताव बदलकर दूसरी प्रतिमा लगाना उचित नहीं है। ​मामले पर रुख साफ करते हुए कांके अंचल अधिकारी (सीओ) अमित भगत ने कहा कि संबंधित भूमि पूरी तरह से सरकारी है और वहां गुरुजी की प्रतिमा स्थापित होना क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। ​वहीं,प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) विजय कुमार ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशानुसार शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी स्थल पर कैंप कर रहे हैं। फिलहाल,कड़ी सुरक्षा के बीच निर्माण कार्य प्रगति पर है,जबकि मामले को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

Spread the love