रांची। बीआईटी मेसरा ने अपने डॉक्टरेट कार्यक्रमों, स्नातकोत्तर व गैर-बी.टेक स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का स्वागत संस्थान के विभिन्न विभागों की ओर से आयोजित विभागवार ओरिएंटेशन कार्यक्रमों के माध्यम से सोमवार को किया। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को उनके संबंधित शैक्षणिक पाठ्यक्रमों, अनुसंधान के अवसरों, संकाय सदस्यों, परिसर की सुविधाओं व बीआईटी मेसरा के बहु-विषयक शिक्षण वातावरण से परिचित कराया गया।ओरिएंटेशन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुसंधान संस्कृति, छात्र सहायता सेवाओं, डिजिटल शिक्षण संसाधनों, प्लेसमेंट के अवसरों व वैश्विक एलुमनाई नेटवर्क से अवगत कराना था। साथ ही उन्हें अपनी शैक्षणिक यात्रा की शुरूआत से ही उत्कृष्टता, नवाचार, अंतर-विषयक शिक्षा व समग्र विकास को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।प्रबंधन अध्ययन विभाग में मास्टर आॅफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, इंटीग्रेटेड एमबीए व बैचलर आॅफ होटल मैनेजमेंट कार्यक्रमों के विद्यार्थियों का औपचारिक स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव, डीन (छात्र मामले), डॉ. गौतम सरखेल, डीन (स्नातक अध्ययन), प्रोफेसर श्रद्धा शिवानी, डीन (एलुमनाई व अंतर्राष्ट्रीय संबंध), प्रोफेसर संदीप सिंह सोलंकी, व डॉ. कुमार संजय सवर्णी, विभागाध्यक्ष, प्रबंधन अध्ययन विभाग उपस्थित रहे। मानविकी व सामाजिक विज्ञान विभाग ने भी अपने डॉक्टरेट, स्नातकोत्तर व गैर-बी.टेक स्नातक विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर विभाग ने एमए इन लिबरल आर्ट्स कार्यक्रम के प्रथम बैच का भी स्वागत किया, जिसे बीआईटी मेसरा में पहली बार प्रारंभ किया गया है। आर्किटेक्चर, होटल प्रबंधन व अन्य सहभागी विभागों ने भी डॉक्टरेट, स्नातकोत्तर व गैर-बी.टेक स्नातक विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए। जिनमें विद्यार्थियों को उनके संबंधित शैक्षणिक कार्यक्रमों, संस्थागत सुविधाओं, अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र, संकाय सदस्यों व समग्र विकास के अवसरों की जानकारी दी गई। इन विभागवार ओरिएंटेशन कार्यक्रमों के साथ बीआईटी मेसरा के डॉक्टरेट, स्नातकोत्तर व गैर-बी.टेक स्नातक कार्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ हुआ। यह पहल विद्यार्थियों में शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार, नेतृत्व क्षमता व समग्र विकास को प्रोत्साहित करने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को पुन: रेखांकित करती है।
