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मेसरा/ओरमांझी (रांची): इरबा स्थित मेदांता अस्पताल के सामने बने एके लॉज में मंगलवार की सुबह करीब 10:30 बजे एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। हाई-टेंशन बिजली लाइन की लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। कुट्टे गांव (नीचे मोहल्ला) निवासी स्वर्गीय खादिम अंसारी के 43 वर्षीय पुत्र अबदुल जब्बार अंसारी की 11 हजार वोल्ट बिजली के तार की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी के अनुसार,मृतक जब्बार अंसारी लॉज में केयरटेकर सह बिजली मिस्त्री के रूप में कार्यरत थे।
मंगलवार सुबह लॉज की ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान लोहे का सरिया इधर-उधर करने के क्रम में अचानक वह पास से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के नंगे तार से टकरा गया। पलक झपकते ही जोरदार स्पार्क हुआ और जब्बार अंसारी बुरी तरह झुलस गए। आनन-फानन में उन्हें सामने मेदांता अस्पताल ले जाया गया,जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक लॉज संचालक जुल्फिकार अंसारी के रिश्ते में साले के बेटे थे। वह अपने पीछे पत्नी और दो छोटे-छोटे मासूम बच्चों को बेसहारा छोड़ गए हैं। हादसे की खबर फैलते ही बिजली विभाग की घोर लापरवाही को लेकर ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा उबल पड़ा। आक्रोशित लोग बिजली विभाग का घेराव करने और रांची-रामगड़ मुख्य मार्ग जाम करने पर अड़ गए। माहौल बिगड़ता देख ओरमांझी प्रखंड के उपप्रमुख रिजवान अंसारी,पूर्व प्रमुख जयगोविंद उर्फ लालू साहू और पूर्व उपप्रमुख मुन्तजीर अहमद रजा समेत स्थानीय प्रबुद्ध जनों ने तत्परता दिखाई। उन्होंने उग्र भीड़ को समझा-बुझाकर शांत कराया और विधिक प्रक्रिया पूरी कराते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीओ सुनील शर्मा भी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे मामले की जानकारी ली।
