KULDEEP KUMAR
टंडवा: थाना क्षेत्र अंतर्गत सुश्री चंद्रगुप्त कोल माइंस प्राइवेट लिमिटेड के सिक्योरिटी ऑफिस पर रंगदारी और दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई गोलाबारी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की विशेष जांच टीम ने राहुल दुबे गिरोह के दो शातिर अपराधियों को रांची से गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान हथियार बरामदगी के समय भागे अपराधी पर पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी, जिसमें मुख्य शूटर को पैर में गोली लगने से घायल हो गया। यह घटना टंडवा थाना क्षेत्र के बसरिया मोड़ समीप मंगलवार को सुबह 4 बजे की है। इसकी जनकारी चतरा पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने टंडवा पुलिस अनुमंडल कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दिया।
एमडीओ कंपनी सुशी इंफ्रा कम्पनी के प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड को रंगदारी व भय बनाने के लिए मारी थी गोली
घटना 23 अगस्त की है, जब अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने रंगदारी मांगने और दहशत फैलाने की नियत से टंडवा थाना क्षेत्र के ग्राम उड़सू में संचालित सुशी इंफ्रा कंपनी जो चंद्रगुप्त कोल माइंस के सिक्योरिटी ऑफिस में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की थी और सिक्योरिटी गार्ड को गोली मारकर घायल कर दिया था। इस मामले में टंडवा थाने में कांड संख्या- 193/26 गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।
एसआईटी टीम ने राहुल दुबे गैंग को रांची के से दबोचा
पुलिस अधीक्षक चतरा के निर्देशानुसार टंडवा एसडीपीओ के नेतृत्व में बनी एसआईटी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र से सटे मैदान के पास से दो आरोपियों को धर दबोचा जिसमें विकास कुमार सिंह पिता- विजय सिंह, निवासी सचिवालय कॉलोनी, डोरंडा, रांची मुख्य शूटर स्वराज ठाकुर पिता- विरेंद्र ठाकुर, निवासी- असधी, कटकमसाडी, हजारीबाग, वर्तमान पता-भवानीपुर, डोरंडा, रांची, पिस्तौल छीनकर भाग रहा था।
शूटर विकास कुमार सिंह को मुठभेड़ में लगी गोली
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार किया और बताया कि वारदात के बाद वे हथियार छिपाकर भागे थे। जब एसआईटी टीम शूटर विकास कुमार सिंह को हथियार बरामद कराने ले गई, तो उसने पुलिस अधिकारी की कमर से पिस्तौल छीनकर भागने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा दी गई चेतावनी के बाद आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में विकास के पैर में गोली लग गई। उसे तत्काल एनटीपीसी के से संजीवनी अस्पताल टंडवा ले जाया गया, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद हजारीबाग रेफर कर दिया गया।
रंगदारी के ₹50,000 खाते में कराए गए थे ट्रांसफर
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि घटना के बाद गिरोह के सरगना राहुल दुबे ने विकास के सहयोगी स्वराज ठाकुर के बैंक अकाउंट में 50,000 रुपये मंगवाए थे। जब्त की गई सामग्री में 7.65 MM का 1 खाली खोखा,7.62 MM के 19 खाली खोखे, 3 स्मार्ट फोन, ₹32,800 नकद (बत्तीस हजार आठ सौ रुपये)। इस छापेमारी टीम में शामिल पुलिस इस सफल कार्रवाई में टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार, टंडवा थाना प्रभारी पप्पू कुमार शर्मा, पिपरवार थाना प्रभारी प्रशान्त कुमार मिश्रा, टंडवा थाने के प्रभात कुमार, अमित कुमार, संदीप कुमार, तकनीकी शाखा की टीम और टंडवा थाना रिजर्व गार्ड के सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस की टीमें फिलहाल गिरोह के सरगना राहुल दुबे और घटना में शामिल तीन अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
