रांची। भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनका सार्वजनिक जीवन केवल राजनीतिक पदों और उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वे राष्ट्र के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक जीवन को नई दिशा देने का माध्यम बन जाते हैं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन ऐसी ही प्रेरणादायी और गौरवपूर्ण यात्रा का प्रतीक है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सेवा संकल्प अभियानके माध्यम से देशभर में सेवा, जनसरोकार और राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 17 सितंबर 1950 को जन्में नरेंद्र मोदी ने अपने जीवन के प्रारंभिक वर्षों से ही राष्ट्रसेवा को अपना ध्येय बनाया। संगठन के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों में समाज और संगठन के बीच काम किया। कठिन परिस्थितियों में निरंतर परिश्रम, अनुशासन, संगठन के प्रति निष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान बनी। अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर संवैधानिक शासन के एक नए अध्याय की शुरूआत की। इसके बाद गुजरात में विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, कृषि, ऊर्जा, उद्योग और जनकल्याण के क्षेत्र में किए गए कार्यों ने उन्हें देश के राजनीतिक परिदृश्य में एक अलग पहचान प्रदान की। मुख्यमंत्री के रूप में उनकी कार्यशैली का मूल मंत्र रहा—नीति स्पष्ट हो, नीयत नेक हो और निर्णय राष्ट्रहित में हो।वर्ष 2014 में देश की जनता ने श्री नरेंद्र मोदी जी को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में सेवा का अवसर दिया। उस समय देश के सामने अनेक चुनौतियां थीं। लेकिन प्रधानमंत्री ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयासह्व के मंत्र के साथ देश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। पिछले वर्षों में भारत ने अनेक क्षेत्रों में जिस परिवर्तन को अनुभव किया है, उसमें प्रधानमंत्री के नेतृत्व, दूरदर्शिता और निर्णायक कार्यशैली की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन को जनसामान्य के जीवन से जोड़ने का प्रयास किया। जन धन योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, मुद्रा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अनेक अभियानों ने करोड़ों भारतीयों के जीवन में प्रत्यक्ष परिवर्तन लाने का काम किया है।गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग प्रधानमंत्री जी की नीतियों के केंद्र में रहे हैं। विशेष रूप से महिलाओं को सम्मान और आत्मनिर्भरता प्रदान करने की दिशा में किए गए प्रयासों ने सामाजिक परिवर्तन की नई जमीन तैयार की है। ग्रामीण भारत में सड़क, बिजली, पानी, आवास और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार आज विकास की नई कहानी लिख रहा है।श्री नरेंद्र मोदी जी का नेतृत्व केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है। उन्होंने देश की सोच और आत्मविश्वास को भी बदलने का कार्य किया है। इसी प्रकार, एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूत करने का निरंतर प्रयास हुआ है। देश की विविधता को उसकी शक्ति मानते हुए प्रधानमंत्री जी ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आदिवासी समाज, गरीबों, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता ने राज्य में अनेक योजनाओं को गति दी है। भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू से लेकर जनजातीय गौरव दिवस तक, प्रधानमंत्री जी ने झारखंड की महान आदिवासी विरासत और स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य किया है।प्रधानमंत्री जी का सार्वजनिक जीवन हमें यह भी सिखाता है कि राजनीति केवल चुनाव जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने और उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम है। भाजपा का ह्लसेवा ही संगठन का भाव इसी विचार से प्रेरित है।इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए झारखंड भाजपा भी ह्लसेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। प्रधानमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन में जिस प्रकार संगठन, समाज और राष्ट्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, उसी भावना को हमें भी अपने व्यवहार और कार्यों में उतारना होगा। आज जब भारत विकसित भारत 2047 के संकल्प की ओर बढ़ रहा है, तब भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। हमें केवल सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना ही नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं को समझना और सेवा के माध्यम से समाधान का प्रयास करना है। 7 अक्टूबर की सेवा ज्योति यात्राइसी संकल्प की ज्योति को और प्रज्वलित करने का अवसर है। यह यात्रा हमें याद दिलाती है कि 25 वर्षों की यह यात्रा केवल नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत यात्रा नहीं है, बल्कि करोड़ों कार्यकतार्ओं के परिश्रम, देशवासियों के विश्वास और भारत को सशक्त बनाने के सामूहिक संकल्प की यात्रा है।
सेवा से संगठन, संगठन से राष्ट्र और राष्ट्र से विश्वगुरु भारत—यही हमारा संकल्प है।
