Eksandeshlive Desk
नई दिल्ली: भारत और उज्बेकिस्तान अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने पर सहमत हुए हैं। इसके अलावा दोनों देश साल 2030 तक अपने एक अरब डॉलर के व्यापार को 5 अरब डॉलर तक लेकर जायेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। वार्ता के बाद संयुक्त वक्तव्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार एक अरब डॉलर को पार कर चुका है और अब साल 2030 तक इसे पांच अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बाजार पहुंच, संपर्क, बैंकिंग और भुगतान व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हमारी रणनीतिक साझेदारी के 15 साल हो रहे हैं। इस विशेष अवसर पर हमने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने का निर्णय लिया है। आज हमने हमारी साझेदारी के इस नए स्वरूप में तेज गति और ठोस परिणामों के साथ आगे बढ़ने का एंबिशियस एजेंडा तैयार किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद में एक खास योग सत्र में लिया भाग: प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य में रक्षा उद्योगों के बीच सीधा संपर्क, संयुक्त उत्पादन और संयुक्त विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता दोनों देशों का साझा संकल्प रहेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ ऊर्जा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा में सहयोग दोनों देशों की साझेदारी को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। बुनियादी ढांचे के विकास में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उज्बेकिस्तान के बागवानी अनुभव और भारत की आधुनिक कृषि पद्धतियों को जोड़कर खाद्य सुरक्षा में योगदान दिया जाएगा। औषधीय जड़ी-बूटियों और आयुर्वेद के क्षेत्र में सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों की गहरी जड़ें साझा विरासत में हैं। उज्बेकिस्तान की बौद्ध विरासत स्थलों के संरक्षण, छात्रों और पेशेवरों के आदान-प्रदान तथा पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उज्बेकिस्तान में हिंदी के प्रचार के लिए छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने शतरंज सहित खेल सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि कुराश और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा देंगे। उन्होंने कहा कि मजबूत भारत-उज्बेकिस्तान साझेदारी मध्य एशिया में शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण शक्ति बनेगी। साथ ही उन्होंने उज्बेकिस्तान की स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ पर वहां की जनता को बधाई दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को उज़्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में एक खास योग सत्र में भाग लिया। इसमें उज़्बेकिस्तान के 52 योग साधक शामिल थे। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, “इस साल की शुरुआत में अहमदाबाद में आयोजित पहली वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में उज़्बेकिस्तान ने गर्व के साथ हिस्सा लिया था। आज कुछ पदक विजेता भी यहां मौजूद थे। वे भारत और चैंपियनशिप की शानदार यादें लेकर लौटे हैं। मैं योग को लोकप्रिय बनाने की दिशा में किए गए काम के लिए उज़्बेकिस्तान योग महासंघ की सराहना करता हूं।”
प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राजकीय पुरस्कार से सम्मानित: उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश के सर्वोच्च राजकीय पुरस्कार ‘ओलिय दराजाली दोस्तलिक’ (सर्वोच्च मैत्री सम्मान) से सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान पाना उनके लिए बहुत ही गर्व के पल है। उन्होंने कहा, “यह सम्मान 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है और मैं सभी भारतवासियों की तरफ से उज्बेकिस्तान के लोगों का यहां की सरकार का और मेरे मित्र आदरणीय राष्ट्रपति जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।” प्रधानमंत्री ने सम्मान को बड़ी जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि भारत अपनी जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं हटेगा और इस मित्रता को पूरी तरह निभाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर वैश्विक दक्षिण की संयुक्त आवाज बनेंगे और उसके कल्याण तथा पूरी मानवता के हित में समर्पण के साथ काम करेंगे। प्रधानमंत्री ने सम्मान को दोनों देशों की सदियों पुरानी मित्रता और साझा विरासत को समर्पित करते हुए कहा कि उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति के दूरदर्शी नेतृत्व और भारत के प्रति उनकी मित्रता से द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि आज दोनों देशों के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का नया स्तर मिला है। इससे पहले उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को खुलेपन और भाईचारे से हुई सार्थक चर्चाओं के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने भारत की तीव्र प्रगति और वैश्विक मंच पर बढ़ते प्रभाव की सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व से जोड़ा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध ऐतिहासिक रूप से नए स्तर पर पहुंचे हैं। व्यापार, निवेश, परिवहन, पर्यटन, संस्कृति और पर्यावरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग मजबूत हुआ है। राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों में अपार संभावनाएं हैं और एक अरब डॉलर का मौजूदा व्यापार लक्ष्य नहीं बल्कि शुरुआत है। उन्होंने भविष्य में व्यापार को पांच अरब डॉलर और आगे दस अरब डॉलर तक ले जाने की आकांक्षा जताई।
