By Sunil
रांची। सरला बिरला पब्लिक स्कूल में सोमवार को अपार गर्व और हर्ष का वातावरण देखने को मिला, जब विद्यालय परिवार एक विशेष सम्मान समारोह के लिए एकत्रित हुआ। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री सह सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा को उनकी महत्वपूर्ण उपलब्धि एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित दायित्व प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया।यह भव्य समारोह एक ऐसे उल्लेखनीय व्यक्तित्व की गौरवपूर्ण यात्रा के प्रति प्रशंसा और कृतज्ञता की भावपूर्ण अभिव्यक्ति थी, जिसकी जीवन-यात्रा दूरदर्शिता, दृढ़ता, समर्पण और अनुकरणीय नेतृत्व से परिपूर्ण रही है। समारोह में शिक्षकों, विद्यार्थियों और प्रबंधन समिति के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की ओर से कहा गया कि यह अवसर केवल एक उपलब्धि का उत्सव नहीं है, बल्कि ऐसे प्रेरणादायी व्यक्तित्व की जीवन-यात्रा का अभिनंदन है, जिनकी यात्रा आज भी अनगिनत लोगों के मन में नई आकांक्षाओं का संचार करती है और उन्हें अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। डॉ. वर्मा का झारखंड से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर युवाओं के लिए एक प्रेरणा है।अपने सम्मान के जवाब में राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने संपूर्ण सरला बिरला पब्लिक स्कूल परिवार के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस गौरवपूर्ण अवसर पर विद्यालय द्वारा किए गए आत्मीय अभिनंदन एवं स्नेहपूर्ण सम्मान के लिए अपनी गहरी कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने इस सम्मान को अपने लिए अत्यंत आत्मीय, विनम्रतापूर्ण और हृदयस्पर्शी अनुभव बताया।उन्होंने कहा कि उनकी जीवन-यात्रा का प्रत्येक महत्वपूर्ण पड़ाव बड़ों के आशीर्वाद, शुभचिंतकों के प्रोत्साहन और उन सभी लोगों के अटूट सहयोग से आकार लेता रहा है, जिन्होंने उन पर विश्वास बनाए रखा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनकी जीवन-कथा युवा मनों को निर्भीक होकर सपने देखने, चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करने तथा उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएँ व्यक्त करते हुए प्राचार्या मनीषा शर्मा ने डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि डॉ. वर्मा की प्रेरणादायी यात्रा दूरदर्शिता, दृढ़ता, ईमानदारी और उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व का उज्ज्वल प्रमाण है। यह समारोह केवल किसी उपलब्धि के लिए सम्मान प्रदान करने का अवसर नहीं था, बल्कि यह सपनों की शक्ति, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता की ओर निरंतर बढ़ने की भावना का उत्सव था।
