सनातन हिन्दू मोर्चा पर्सा जिला समिति के कार्यक्रम में गूंजा ‘हिन्दू राष्ट्र नेपाल कायम करो’ नारा

INTERNATIONAL

Ashutosh Jha

काठमांडू: “धर्मनिरपेक्षता खारिज करो, सनातन हिन्दू राष्ट्र नेपाल कायम करो” के मूल नारे के साथ शनिवार को सनातन हिन्दू मोर्चा पर्सा जिला समिति के आयोजन में वीरगंज स्थित श्री गहवा माई अतिथि सदन में अंतरक्रिया कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वक्ताओं ने नेपाल को सनातन हिन्दू राष्ट्र बनाए जाने की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए। आयोजकों के अनुसार, वर्ष 2072 विक्रम संवत् 3 गते जारी किए गए धर्मनिरपेक्ष संविधान के दिन को हिन्दूवादी संगठनों, धार्मिक समूहों तथा सनातन हिन्दू मोर्चा द्वारा “काला दिवस” अथवा “काला दिन” के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम में मोर्चा की ओर से कहा गया कि सनातन हिन्दू राष्ट्र नेपाल की स्थापना के उद्देश्य से संघर्ष जारी है तथा इस विषय में विभिन्न समूहों के साथ सहकार्य भी जारी रखा गया है।

सनातन हिन्दू मोर्चा पर्सा जिला अध्यक्ष हनुमान दास की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष सन्तोषानन्द महाराज, केंद्रीय कोषाध्यक्ष विनोद प्रसाद कुर्मी, केंद्रीय सदस्य योगेन्द्र प्रसाद कलवार एवं भूपेन्द्र पौडेल, गीता मंदिर संचालन समिति के अध्यक्ष मदन गुप्ता, श्री गहवा माई मंदिर संचालन समिति के महासचिव विजय उपाध्याय, हिन्दूवादी अगुवा एवं शिक्षाप्रेमी प्रो. डॉ. हरेराम ठाकुर, राजेन्द्र सिंह, बृजमोहन तिवारी, अशोक सहनी, ज्योतिषाचार्य ध्रुव नारायण पाण्डेय, हिन्दू परिषद के केंद्रीय सदस्य सच्चिदानन्द दुबे, घडिअर्वा छठ पूजा समिति के अध्यक्ष राकेश साह कानु, पत्रकार संतोष मिश्रा, रानीघाट श्रीराम जानकी मठ के पुजारी सुबास बाबा सहित अन्य लोगों की उपस्थिति रही।

इसी प्रकार सनातन हिन्दू मोर्चा पर्सा जिला महामंत्री प्रमोद शर्मा, प्रवक्ता मुना साह तेली, जिला सदस्य युवराज पटेल, वीरगंज महानगर समिति के अध्यक्ष आनन्द गुप्ता, मंत्री दीपक साह, कोषाध्यक्ष राजु साह तेली, नगर सदस्य सागर साह, हिन्दूवादी अभियन्ता संतोष पाल, अवधेश यादव, मन्तोष पटेल, प्रेमनारायण मिश्र सहित विभिन्न क्षेत्र से जुड़े लोगों ने कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में बोलने वाले वक्ताओं ने नेपाल को सनातन हिन्दू राष्ट्र बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने नेपाल में धर्मनिरपेक्षता लागू करने के निर्णय में भूमिका निभाने वाले तत्कालीन राजनीतिक दलों की कड़ी आलोचना की। कार्यक्रम के दौरान सनातन हिन्दू मोर्चा के पदाधिकारियों, हिन्दूवादी अगुवाओं, धार्मिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों तथा स्थानीय प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए।

Spread the love