नेपाल में लगातार बारिश से बिजली व्यवस्था गड़बड़ाई, कुल 1,303 मेगावाट क्षमता हुई प्रभावित

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Eksandeshlive Desk

काठमांडू: नेपाल में लगातार हो रही बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल के विभिन्न हिस्सों में बिजली प्रसारण और वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई है। बाढ़ के कारण प्रसारण लाइनों में फॉल्ट आने के साथ ही बिजली उत्पादन केंद्रों और सबस्टेशनों के उपकरणों में खराबी के चलते कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है। ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्रालय के अनुसार पोखरा, बुटवल, हेटौंडा और काठमांडू क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। विभिन्न लाइनों, बिजली उत्पादन और लोड में आई रुकावट से कुल मिलाकर करीब 1,303 मेगावाट क्षमता प्रभावित हुई है। हालांकि, यह एक ही समय में हुई बिजली कटौती का आंकड़ा नहीं है, बल्कि अलग-अलग समय और स्थानों पर हुई लाइन, उत्पादन तथा लोड संबंधी रुकावटों का कुल योग है।

बाढ़ का सबसे ज्यादा प्रभाव पोखरा क्षेत्र में पड़ा है। कुश्मा–न्यू बुटवल 220 केवी प्रसारण लाइन में फॉल्ट आने से करीब 200 मेगावाट बिजली प्रभावित हुई। इसी तरह रौघाट–दाना लाइन-1 और लाइन-2 में आई समस्या से करीब 155 मेगावाट प्रभावित हुआ। बाढ़ के कारण कालीगंडकी, अपर मादी, सुपर मादी, सिक्लेस–नामर्जुंग, सेती नदी–करुवासेट, अपर दोर्दी और मोदी सहित कई जलविद्युत परियोजनाओं का उत्पादन और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। अकेले पोखरा क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं पर 400 मेगावाट से अधिक का असर पड़ा है। रौघाट क्षेत्र में भी न्यू बुटवल–कुश्मा 220 केवी लाइन में फॉल्ट के कारण करीब 110 मेगावाट प्रभावित हुआ। इस लाइन को सुबह 9:50 बजे फिर से चालू किए जाने की उम्मीद थी। बुटवल क्षेत्र में न्यू भारतपुर–न्यू बुटवल 220 केवी प्रसारण लाइन पर पेड़ गिरने के कारण फॉल्ट आया। रिपोर्ट के अनुसार लाइन को सुबह 9:51 बजे चार्ज कर दिया गया। चापर–पथलैया 132 केवी लाइन बंद होने के कारण कावासोती सबस्टेशन में करीब एक घंटे तक लोड कटौती की गई।

हेटौंडा क्षेत्र में भी बाढ़ से बिजली प्रणाली प्रभावित हुई। मांडू 66 केवी में बाढ़ के कारण करीब 32 मेगावाट बिजली प्रभावित हुई है। कावासोती–भारतपुर 132 केवी लाइन के अंतर्गत भारतपुर सबस्टेशन में सीवीटी जल जाने के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। इसके अलावा सिमरा सबस्टेशन में करीब 20 मेगावाट, जबकि अमलेखगंज, परवानीपुर और वीरगंज के उद्योगों में करीब 80 मेगावाट तथा काम्ने सबस्टेशन और उद्योगों में करीब 25 मेगावाट बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। काठमांडू के पाटन और टेकु क्षेत्रों में भी थोड़े समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रही। पाटन सबस्टेशन में सुबह 9 बजे से 9:10 बजे तक तथा टेकु में भी इसी अवधि में बिजली बाधित हुई। पाटन क्षेत्र में पथलैया लाइन और केएल-1 स्युचाटार 66 केवी लाइन के एक साथ ओवरलोड होने से समस्या उत्पन्न हुई। बाढ़ के कारण नियमित आपूर्ति प्रभावित होने के बाद एमआरएस की आपातकालीन आपूर्ति का इस्तेमाल किया गया।

बिजली व्यवस्था में आई समस्या के प्रमुख कारणों में बाढ़ से प्रसारण लाइनों और बिजली उत्पादन केंद्रों को हुआ नुकसान, लाइन फॉल्ट, सबस्टेशन के उपकरणों में खराबी और उसके बाद पैदा हुआ ओवरलोड शामिल है। विशेष रूप से पोखरा–बुटवल 220 केवी प्रसारण कॉरिडोर और पथलैया के आसपास के 132 केवी प्रसारण नेटवर्क में आई रुकावटों का पश्चिमी और मध्य नेपाल की बिजली आपूर्ति पर उल्लेखनीय प्रभाव पड़ा है।

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