बिरहोर समुदाय की मुस्कान ने 10वीं में पाए 75 प्रतिशत अंक, स्वाति कुमारी ने रामगढ़ में हासिल किया सातवां स्थान
Eksandeshlive Desk
पूर्वी सिंहभूम: शिक्षा के माध्यम से बेटियां सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों को पीछे छोड़कर सफलता की नई इबारत लिख रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर टाटा स्टील फाउंडेशन ने ऐसी छात्राओं की उपलब्धियों को रेखांकित किया है, जिन्होंने मेहनत और उचित मार्गदर्शन के बल पर अपने परिवार और समुदाय का गौरव बढ़ाया है। टाटा स्टील फाउंडेशन के बंजी स्थित प्री-मैट्रिक कोचिंग केंद्र की छात्रा मुस्कान कुमारी ने दसवीं की बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक हासिल कर विशिष्ट श्रेणी में सफलता प्राप्त की। बिरहोर समुदाय से आने वाली मुस्कान के लिए यह उपलब्धि विशेष मायने रखती है, क्योंकि इस विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
टाटा स्टील की ओर से शनिवार को दी गई जानकारी के अनुसार, फाउंडेशन का प्री-मैट्रिक कोचिंग कार्यक्रम झारखंड और ओडिशा में सातवीं से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहयोग प्रदान करता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस कार्यक्रम से 3,291 विद्यार्थी जुड़े, जिनमें से 3,191 ने दसवीं की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की। इस तरह परीक्षा का कुल परिणाम 97 प्रतिशत रहा।वेस्ट बोकारो में संचालित 11 कोचिंग केंद्रों के माध्यम से 1,981 विद्यार्थियों को गणित, विज्ञान और अंग्रेजी की विशेष तैयारी कराई गई। यहां दसवीं के सभी 700 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके साथ ही केंद्रों ने लगातार आठवें वर्ष शत-प्रतिशत परिणाम का रिकॉर्ड कायम रखा। सफल विद्यार्थियों में 287 छात्राओं सहित कुल 564 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी हासिल की।
इसी कार्यक्रम की छात्रा स्वाति कुमारी ने 95.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर रामगढ़ जिले में सातवां स्थान हासिल किया। वहीं, बंजी मध्य विद्यालय में बिरहोर और अन्य जनजातीय विद्यार्थियों के लिए स्थापित विशेष केंद्र के सभी 33 विद्यार्थी सफल रहे। इनमें 13 छात्राओं सहित कुल 14 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की। फाउंडेशन के अनुसार, नियमित पढ़ाई, विषयवार मार्गदर्शन और निरंतर मूल्यांकन से वंचित समुदायों की बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ रहा है। ये उपलब्धियां दर्शाती हैं कि लड़कियों की शिक्षा परिवार और समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
