Eksandeshlive Desk
रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रांची के माइकल जोसफ तिर्की और उसकी पत्नी मोना तिर्की के नाम पर खरीदी गयी 3.60 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। ईडी के आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि इन दोनों पर वेश्यावृत्ति के लिए बांग्लादेश से लड़कियों को रांची लाने की व्यवस्था करने का आरोप है। ईडी ने वर्ष 2024 में बांग्लादेश की लड़कियों को कोलकाता से रांची लाने के मामले की जांच के लिए एंफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की थी। इसके लिए बरियातु थाने में दर्ज प्राथमिकी को आधार बनाया था। थाने में दर्ज प्राथमिकी में यह आरोप लगाया गया था कि निपाह अख्तर खुशी नाम की बांग्लादेशी लड़की को अवैध रूप से कोलकाता लाया गया था। मनीषा ने झूमा नाम की दूसरी महिला की मदद से निपाह को 31 मई 2024 की आधी रात को जंगल के रास्ते सीमा पार कराया था।
निपाह को भारत में काम दिलाने के बहाने लाया गया था। रांची लाने के बाद उसे बाली रिसॉर्ट में दो दिनों तक रखा गया था। इसके बाद उसे एक अपार्टमेंट में ले जाया गया। वहां परवीन और झूमा नाम की दो बांग्लादेशी लड़कियां पहले से थी। तीन जून 2024 को मौका देख कर निपाह वहां से भाग कर पुलिस के पास पहुंची। इसके बाद पुलिस ने उसकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की थी। ईसीआईआर दर्ज करने के बाद ईडी ने मामले की जांच और पश्चिम बंगाल के कई ठिकानों पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान बंगाल में रह रही बांग्लादेशी नागरिक रॉनी मंडल, संदीप चौधरी को गिरफ्तार किया। इसके अलावा दो भारतीय नागरिकों को भी गिरफ्तार किया। इसमें पिंटू हलधर और पिंकी बासू मुखर्जी को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच के दौरान ईडी ने पाया कि वेश्यावृति के लिए बांग्लादेश से रांची लायी जाने वाली लड़कियों को माइकल जोसेफ तिर्की और उसकी पत्नी मोना तिर्की रहने आदि की व्यवस्था करती थी। इसके बदले में इन दोनों को पैसे मिलते थे। जांच में पति-पत्नी द्वारा नाजायज तरीके से की गयी इस कमाई से अचल संपत्ति खरीदने जाने का मामला पकड़ा। इसके बाद ईडी ने इन दोनों द्वारा खरीदी गयी जमीन और घर जब्त कर ली। जब्त संपत्ति का कागजी मूल्य 3.60 करोड़ रुपये है। हालांकि इसका बाजार मूल्य पांच करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है।
