Eksandeshlive Desk
रांची/खूंटी: चक्रवात अर्नब का असर झारखंड में भी पड़ा है। राजधानी रांची समेत नौ जिलों में बुधवार रात से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने गुरुवार को राज्य के 14 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें छह जिलों में ऑरेंज और आठ जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने अनुसार गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गयी है। चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में येलो अलर्ट है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई गयी है। बारिश के दौरान गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना है। लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। चक्रवात अर्नब बुधवार को आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। इसके प्रभाव से झारखंड में भी मौसम बदला है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। वज्रपात की आशंका के बीच खेतों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
खूंटी में बारिश और ठंडी हवाओं से गिरा तापमान: चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर जिला मुख्यालय सहित खूंटी के विभिन्न इलाकों में साफ तौर पर देखा जा रहा है। गुरुवार सुबह हल्की बारिश के साथ जिले में घनी धुंध छा गई, जो दोपहर 12 बजे तक बनी रही। इसके बाद भी दिन भर रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। आसमान में लगातार काले बादल छाए रहने और ठंडी हवा चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जिले का न्यूनतम और अधिकतम तापमान 19 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमट गया, जिससे अचानक ठंड बढ़ गई है। मौसम में आए इस बदलाव के कारण लोग शॉल, स्वेटर और जैकेट पहने नजर आए। चक्रवात के प्रभाव और फसलों की स्थिति पर जानकारी देते हुए कृषि विज्ञान केंद्र तोरपा के मौसम कृषि वैज्ञानिक डॉ राजन चौधरी ने बताया कि जिले में फिलहाल तेज हवाएं नहीं चली हैं और न ही मूसलाधार बारिश हुई है। चूंकि धान की कटाई अभी बड़े पैमाने पर शुरू नहीं हुई है, इसलिए फसलों को किसी बड़े नुकसान की तत्काल आशंका नहीं है। सामान्य तौर पर सब्जियों की खेती के लिए यह मौसम अनुकूल है, हालांकि जिन खेतों में जलजमाव होगा, वहां फसलों को क्षति पहुंच सकती है। दूसरी ओर, क्षेत्र के उन्नतशील किसान दिलीप शर्मा ने बताया कि इस बारिश से आलू, स्वीट कॉर्न और मटर की फसलों को काफी फायदा पहुंचा है। हालांकि, मड़ुआ, उड़द और गोड़ा धान की तैयार फसलों को आंशिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश और अधिक होती तो अन्य सब्जियों को भी नुकसान झेलना पड़ सकता था। कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजन चौधरी ने बताया कि चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ अब काफी कमजोर पड़ चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि शुक्रवार शाम तक मौसम पूरी तरह से साफ और सामान्य हो जाएगा।
