रांची: सदर अस्पताल रांची में मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तथा स्वास्थ्य संस्थानों में पेशेंट सेफ्टी से संबंधित मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से एक दिवसीय पेशेंट सेफ्टी अवेयरनेस कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की थीम प्रत्येक मरीज के लिए सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा रखी गई। कार्यशाला में मरीजों की सही पहचान, प्रभावी संचार व्यवस्था, हाई-अलर्ट दवाओं की सुरक्षित उपयोग प्रक्रिया, संक्रमण की रोकथाम तथा गलत साइट या गलत प्रक्रिया से होने वाली सर्जरी को रोकने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में शशि प्रकाश झा, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, डॉ. प्रभात कुमार, उप निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं व राज्य नोडल पदाधिकारी – क्वालिटी एश्योरेंस सेल, सिविल सर्जन रांची डॉ. अमरेंद्र प्रसाद, डॉ. ताबा रिजवी, डॉ. प्रवीण कर्ण, राज्य महामारी रोग विशेषज्ञ, अतिन्दर उपाध्याय, कंसल्टेंट क्वालिटी कोषांग, फायर सेफ्टी विभाग से प्रदीप पोंकारी और चंद्रकिशोर कुमार, प्रवीण कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रीति चौधरी, डीपीसी सहित विभिन्न प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।रोगी सुरक्षा के 7 अधिकारों पर जोरकार्यशाला को संबोधित करते हुए शशि प्रकाश झा ने कहा कि प्रत्येक मरीज अपनी सुरक्षा और बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर अस्पताल आता है तथा स्वस्थ होकर सुरक्षित अपने घर लौटना चाहता है। मरीजों की सुरक्षा स्वास्थ्य व्यवस्था की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने दवा देने के दौरान रोगी सुरक्षा के सात अधिकारों – सही मरीज, सही दवा, सही खुराक, सही माध्यम, सही समय, सही रिकॉर्ड तथा सही प्रतिक्रिया के पालन पर जोर दिया। 365 दिन अपनानी है पेशेंट सेफ्टीडॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि पेशेंट सेफ्टी केवल एक दिन का विषय नहीं, बल्कि वर्ष के 365 दिन अपनाई जाने वाली सतत प्रक्रिया है। सविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद ने कहा कि पेशेंट सेफ्टी प्रत्येक चिकित्सक, अस्पताल प्रबंधन एवं स्वास्थ्यकर्मी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। दवा प्रबंधन में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन कर मरीजों को होने वाली संभावित हानि से बचाया जा सकता है।
