अवैध कोल ट्रांसपोर्टिंग सड़क निर्माण के विरोध में ग्रामीणों अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आज से

360° Ek Sandesh Live

News By Ashok Anant

टंडवा (चतरा): प्रखंड के वृंदा एवं आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने NTPC चट्टीबारियातु परियोजना से कोयला परिवहन हेतु JARL कंपनी द्वारा कथित रूप से बनाए जा रहे निजी कोल ट्रांसपोर्टिंग सड़क निर्माण का कड़ा विरोध किया है। ग्रामीणों ने उपायुक्त चतरा को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि बिना किसी सरकारी अधिसूचना एवं वैधानिक स्वीकृति के किसानों की जमीन और प्राकृतिक संसाधनों को प्रभावित करते हुए सड़क निर्माण कराया जा रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित सड़क सिमरिया टंडवा मुख्य पथ में खधैया के बड़की नदी के समीप से गुजरती है, जिससे नदी के अस्तित्व, स्थानीय पर्यावरण, कृषि भूमि तथा पशुधन पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। साथ ही सिमरिया-टंडवा मुख्य मार्ग को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण लाइफलाइन पुल के निकट एवं तीव्र मोड़ (ब्लाइंड कर्व) वाले क्षेत्र में भारी कोयला वाहनों का परिचालन भविष्य में बड़े सड़क हादसों और पुल की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित सड़क निर्माण से जुड़ी कोई आधिकारिक सूचना अंचल कार्यालय के पास उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह निर्माण कार्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं कंपनी के सहयोग से कराया जा रहा है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक सरकार द्वारा विधिवत अधिसूचना जारी नहीं की जाती तथा ग्रामसभा की सहमति प्राप्त नहीं होती, तब तक उक्त सड़क निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो 2 जून से बृंदा मंडप के समीप अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन एवं जन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।ग्रामीणों का कहना है कि यह लड़ाई केवल सड़क निर्माण के खिलाफ नहीं, बल्कि नदी, पर्यावरण, किसानों की जमीन और क्षेत्र की जनसुरक्षा बचाने की लड़ाई है।ग्रामीणों के द्वारा पूर्व में भी चतरा उपायुक्त को इस संदर्भ में ज्ञापन सौंपा गया था जिसके पश्चात चतरा उपायुक्त के कार्यालय से टंडवा अंचल को जांच पड़ताल करके कार्रवाई करने के का आदेश दिया गया था। टंडवा अंचल के जांच पड़ताल के पश्चात पाया गया था कि खाता संख्या 29 प्लॉट नंबर 333 एवं 329 गैर मजबूरियां सरकारी भूमि है जिस पर कंपनी के द्वारा किसी भी प्रकार का विभाग से अनुमति प्राप्त नहीं है तथा टंडवा थाना को पत्र प्रेषित करके यह आदेश दिया गया था कि कार्य को अभिलंब बंद कराया जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि आखिर किसके दबाव पर प्रशासनिक व्यवस्था चुप्पी साधे हुए हैं और JARL कंपनी अभी भी सड़क निर्माण की गतिविधि जारी रखे हुए हैं।

Spread the love