चुरचू/चरही(हजारीबाग): हजारीबाग जिले के चुरचू थाना क्षेत्र में बार फिर दिल दहला देने वाली घटना घटित हुई है। चंद रुपयों के लालच व अवैध कोयले के काले कारोबार ने एक नहीं, बल्कि एक ही दिन दो पिता के बेटे व दो सुहागिनों का हमेशा के लिए सुहाग़ उजाड़ दिया। रविवार को लगभग शाम सात बजे बोदरा-बाली मुख्य मार्ग पर अवैध कोयला लदे एक अनियंत्रित ट्रक ने स्कूटी सवार दो युवकों को बेरहमी से कुचल कर मौत के घाट उतार दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज रफ्तार का कहर इतना खौफनाक था कि अवैध कोयला लदा ट्रक (संख्या: BR 02 6A 9310) स्कूटी (संख्या: JH02B M 9893) को फिल्मी स्टाइल में लगभग आधा किलोमीटर तक सड़क पर घसीटते व रौंदते हुए दिल दहला दिया। इस भीषण हादसे में बोदरा गांव (नीम टोला) निवासी 26 वर्षीय आकाश हंसदा (पिता: स्व. सोहराय मांझी) का शरीर पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। आकाश हंसदा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल राजेंद्र बास्के, पिता: मोतीलाल हंसदा (24) को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सदर अस्पताल भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
पीछे छूट गया परिवार, रोता-बिलखता परिवार, सदमे में सरिता: राजेंद्र बास्के की मौत के बाद उनकी पत्नी सरिता मुर्मू पूरी तरह सदमे में हैं। मृतक अपने पीछे एक बेटा और दो बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि रसूखदारों के अवैध धंधे की कीमत आम बेकसूरों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है। सूत्रों व राहगीरों की मानें तो यह खूनी ट्रक चुरचू करगी में सक्रिय प्रभात सिंह (पिता: स्व. कौशल सिंह) व संदीप सिंह के अवैध कोयला डिपू से लोड होकर निकला था। यह अवैध डिपू पिछले कई महीनों से प्रशासन की नाक के नीचे धड़ल्ले से चल रहा है। सवाल उठता है कि इन सफेदपोश माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है, जिससे बेखौफ होकर इनके ट्रक सड़कों पर यमदूत बनकर दौड़ रहे हैं।
रात भर चला हंगामा, सुबह साढ़े चार बजे ‘समझौते’ पर थमा मामला: घटना की गंभीरता को देखते हुए चुरचू थाना प्रभारी कुमार अश्विनी, आंगो थाना प्रभारी जानू कुमार, चरही थाना प्रभारी अजीत कुमार और टाटीझरिया थाना प्रभारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिस की मौजूदगी में रात भर तनाव का माहौल रहा। आखिरकार सुबह साढ़े चार बजे प्रशासनिक दबाव और समझौते के बाद मृतक के परिजनों को दाह-संस्कार के लिए कुछ आर्थिक मदद देकर मामला शांत कराया गया। फिलहाल चुरचू थाना ने मामला दर्ज कर खूनी ट्रक को जब्त कर लिया है, कांड संख्या 11/26 है लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है—क्या इन मौतों के असली गुनहगार, अवैध डिपो संचालक सलाखों के पीछे जाएंगे या मामला रफा-दफा हो जाएगा?
