Eksandeshlive Desk
रांची : मांडर प्रखंड सभागार में प्रखंड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में शनिवार को बाल विवाह के रोकने हेतु एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें सिंदुआर टोला ग्रामोदय विकास विद्यालय रांची के सचिव राजेन कुमार ने बैठक की शुरुआत में स्वागत करते हुए बताया कि संस्था पूरे रांची जिले में बाल विवाह के खिलाफ अभियान पर काम कर रही है और बाल विवाह को पूरी तरह से जड़ से समाप्त करने हेतु 2030 तक हम अपने पूरे रांची जिले को बाल विवाह से मुक्त करेंगे। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर देते हुए बोला कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई के साथ ही एक अभिशाप है और इसे सिर्फ एक व्यक्ति के द्वारा ही दूर नहीं किया जा सकता हैं, बल्कि सभी लोग अगर मिलकर इस पर काम करेंगे तभी इस बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। इसमें समाजसेवी, सरकारी कर्मी, मुखिया, वार्ड, आशा कार्यकर्ता सहिया सभी लोगों का सहयोग से ही इस पर विजय पा सकते हैं। प्रखंड विकास पदाधिकारी चंचला कुमारी ने कहा कि बाल विवाह आज के समय में लड़कियों के ऊपर एक घोर अन्याय है जो उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और उनके अधिकार से से वंचित करता है। आज समाज में हम सभी लोगों को इस पर जोर देना है की बच्चियों की जो शादी की उम्र सीमा 18 वर्ष है उससे नीचे में शादी नहीं करनी है और अगर समाज में कहीं भी इस तरह का काम हो रहा है तो उसकी सभी लोगों को मिलकर पुरजोर तरीके से विरोध करके उसे रोकना होगा।
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने इस बात पर भी जोर देते हुए सभी लोगों से कहा कि मांडर प्रखंड में बाल विवाह के खिलाफ जो अभियान शनिवार संस्था के द्वारा चलाया जा रहा है वह काफी प्रशंसनीय है और आगे भी हम लोग संस्था को पूरा सहयोग करेंगे ताकि हमारा प्रखंड बाल विवाह मुक्त हो। प्रखंड प्रमुख फिलिप सहाय एक्का ने कहा के आज हमारे गांव में गरीबी के कारण अक्सर माता-पिता मजबूरी में बच्चों के विवाह के बारे में गलती कर बैठते हैं। हमारा दायित्व है कि हम सभी लोग मिलकर संस्था के द्वारा जो अभियान चलाया जा रहा है उसका समर्थन करते हुए इस अभियान में भाग लें और बाल विवाह के खिलाफ एक सशक्त रूप से इसका विरोध कर हम अपने दायित्व का निर्वहन करें। प्रमुख ने कहा कि आजकल हमारे गांव में ढूकु विवाह का भी प्रचलन काफी बढ़ गया है। इस पर भी हमें बच्चों के माता-पिता के साथ ही साथ उन बच्चों को भी जागरूक करना होगा ताकि इस कुप्रथा से हम लोग जड़ से मिटा सके। इसके बाद जेएसएलपीएस के बीपीएम धीरेंद्र मोहन ने बोला बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है, जो हमारे समाज में एक अभिशाप के रूप में फैला हुआ है और इस अभिशाप को दूर करने के लिए जेएसएलपीएस पूरे जोड़-तोड़ से पूरे मांडर प्रखंड में कार्य कर रही है ताकि बच्चियों को उनके शिक्षा स्वास्थ्य और सुरक्षा के अधिकार को दिलाया जा सके और हमारा लक्ष्य भी है कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए हम लोग इस अभियान में साथ निभा सके। इसके बाद संस्था के सचिव श्री राजेन कुमार ने बोला कि हम लोग ने लक्ष्य रखा है कि बाल विवाह को जड़ से मिटाने हेतु सभी लोग एक साथ आए और इसको कुप्रथा को मिटाने हेतु एक शपथ लें। अगर कही भी बाल विवाह हो रहा है तो अभिलंब रूप से रोक कर इसकी सूचना नजदीकी थाने, पंचायत के मुखिया और प्रखंड के पदाधिकारी को देंगे। इसके बाद संस्था के समन्वयक धीरज कुमार राय ने बाल विवाह के खिलाफ शपथ करायी गयी, जिसमें सभी लोगों ने एक स्वर में बाल विवाह के खिलाफ शपथ किया और यह प्रण लिया कि कहीं भी इस तरह कार्य होता है तो उसको अभिलंब रोकना होगा। संस्था के क्षेत्रीय कार्यकर्ता सुगीता टोप्पो और ललिता देवी ने इस कार्यशाला को सफल बनाया और सभी लोगों को धन्यवाद देकर इस कार्यक्रम का समापन किया।
