बीआईटी मेसरा ने मनाया 72वां स्थापना दिवस, एनवीडिया -पावर्ड सेंटर आफ एक्सीलेंस की घोषणा की
By Sunil
रांची। बिरला इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी मेसरा ने अपना 72वां स्थापना दिवस धूमधाम से बुधवार को मनाया। स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि स्थापना दिवस केवल संस्थान की स्थापना का स्मरण नहीं, बल्कि उसकी उपलब्धियों और भविष्य के संकल्पों का उत्सव है। बीआईटी मेसरा ने सात दशकों से अधिक समय में उत्कृष्ट तकनीकी शिक्षा के माध्यम से देश और दुनिया को प्रतिभाशाली इंजीनियर, वैज्ञानिक और उद्योग जगत के अग्रणी विशेषज्ञ दिए हैं। उन्होंने कहा कि आज का दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा और हरित ऊर्जा जैसी नई तकनीकों का है। ऐसे समय में तकनीकी संस्थानों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि उन्हें अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप, उद्यमिता और सामाजिक समस्याओं के समाधान का केंद्र बनना होगा। इस संस्थान ने अकादमिक उत्कृष्टता और इनोवेशन की विरासत ने भारत की तकनीकी प्रगति में अहम योगदान दिया है। 1955 से चली आ रही अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, इनोवेशन और राष्ट्र-निर्माण की विरासत का जश्न मनाया गया। आईआईटी भुवनेश्वर के निदेशक प्रो. एस. करमलकर व टेगा इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मदन मोहनका अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। बीआईटी मेसरा को उन चुनिंदा संस्थानों में शामिल करती है जो एडवांस्ड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर रेडीनेस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उभरती प्रतिभा के विकास में योगदान दे रहे हैं। यह पहल झारखंड और पूर्वी भारत में टेक्नोलॉजी और रीसर्च इकोसिस्टम को भी मजबूत बनाती है, तथा पारंपरिक टेक्नोलॉजी हब से आगे बढ़कर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराती है। बीआईटी सीके बिरला ने कहा कि बीआईटी मेसरा की स्थापना ऐसा संस्थान बनाने के उद्देश्य से की गई थी, जो ज्ञान, अनुशासन और इनोवेशन के जरिए समाज की सेवा करे। पिछले सात दशकों में, संस्थान ने भारत के इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में अहम योगदान दिया है। बीआईटी मेसरा के वाइस चांसलर प्रो. इंद्रनील मन्ना ने कहा कि पावर्ड सेंटर आॅफ एक्सीलेंस के बनने से एडवांस्ड रीसर्च और ट्रेनिंग के क्षेत्रों में हमारी क्षमता काफी बढ़ जाएगी, जहां हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की जरूरत होती है। यह इंजीनियरिंग, साइंस और एप्लाइड रिसर्च जैसे विषयों में तालमेल बनाएगा, साथ ही उद्योग जगत, स्टार्टअप्स एवं राष्ट्रीय मिशनों के साथ सहयोग को भी बढ़ावा देगा। हम ऐसा साझा टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं जिससे छात्रों, फैकल्टी, शोधकतार्ओं और बड़े पैमाने पर इनोवेशन इकोसिस्टम को लाभ हो। इस कार्यक्रम में संस्थान के लीडरों, पूर्व छात्रों, फैकल्टी सदस्यों, छात्रों और विशेष अतिथियों ने हिस्सा लिया तथा बीआईटी मेसरा की यात्रा और भारत में इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और एप्लाइड साइंसेज की शिक्षा को आकार देने में इसकी भूमिका पर विचार-विमर्श किया।
डिस्टिंग्विश्ड एलुमनाई अवार्ड्स विभिन्न श्रेणियों में दिए गए , जिनमें अश्विनी कुमार तिवारी, राजेश शर्मा और विक्रम कुमार है ।
