Ranchi :भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता सह झारखंड राज्य समाज कल्याण आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने झारखंड में तेजी से बढ़ रही अपराध के लिए झारखंड के हेमंत सरकार को दोषी करार देते हुए कहा कि झारखंड में बढ़ रहे अपराधों के कारण राज्य की जनता का विश्वास राज्य सरकार से उठती जा रही है, एससीआरबी के ताजा आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अक्टूबर 2025 तक तक पूरे झारखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 4294 मामले दर्ज हुए है,झारखंड राज्य में अपहरण के मामले में 14% और दुष्कर्म के मामले में लगभग 9.30% और छेड़छाड़ के घटनाओं में 5.5 % बढ़ोतरी दर्ज की गई है,इसके अलावा दहेज हत्या और दहेज प्रताड़ना में भी वृद्धि देखा जा रहा है,राज्य के राजधानी रांची में भी महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में करीब 47% की वृद्धि देखी जा रही है,जो महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।राज्य के हाई कोर्ट ने भी विधि व्यवस्था विशेषकर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध नहीं रुकने के लिए झारखंड सरकार को फटकार लगाई है,उच्च न्यायालय ने अस्पष्ट रूप से कहा है कि अपराध बढ़ोतरी के लिए प्रशासनिक विफलता को मुख्य दोषी करार दिया है,न्यायालय ने राज्य सरकार को सशक्त कदम उठाने के लिए बोल दिया गया है,न्यायालय ने कानून व्यवस्था के लिए राज्य के गृह सचिव,नगर विकास सचिव और बाल कल्याण एवं महिला विकास विभाग के सचिव सहित रची के डीसी और एसपी को सह शरीर उपस्थित कराकर कोर्ट ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है,तथा राज्य के जनता को उचित सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है,तो क्या झारखंड सरकार न्यायालय के आदेश से चलेगा और राज्य की हेमंत सरकार मूकदर्शक बनी रहेगी तो यह झारखंड किए बेहद शर्मनाक घटना है,ऐसे सरकार को उखाड़ फेंकने की आवश्यकता है,इस विषय पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू जी ने भी राज्य के विधि व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की है,राज्य में अपराध के बढ़ते आंकड़े बता रहे है कि राज्य के महिलाएं और जनता सुरक्षित नहीं है और हत्यारे और अपराधी खुलेआम घूम रहे है,आज राज्य के अधिकांश महिलाएं तंत्र मंत्र और अंधविश्वास की शिकार हो रही है,राज्य सरकार ने अंधविश्वास को रोकने किए वर्ष में 02 करोड़ राशि की वार्षिक व्यवस्था प्रत्येक वर्ष के लिए की गई है,फिर भी अंधविश्वास लोगों के मौतें जारी है, क्यों कि जो राशि नुक्कड़ नाटकों के कार्यक्रमों खर्च किया जाता है,फिर भी सफलता सरकार को नहीं मिल पा रही है,उसके ठोस समाधान के लिए सरकार को प्रभावित क्षेत्रों में जाना चाहिए और लोगों को प्रशिक्षित करना चाहिए कि अंधविश्वास से कैसे जीता जाएगा,आज हमारा देश आजादी के 77 वे वर्ष में गुजर रहा है और झारखंड 26 वर्ष का युवा ही चुका है,फिर भी झारखंड में महिलाओं के डायन , भूतिन और तंत्र मंत्र का शिकार बनाया जा रहा है, और हत्याएं की जा रही है,जो किसी आज के सभ्य समाज के लिए बेहद ही शर्म की बात और दुर्भाग्यपूर्ण बात है, राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार झारखंड के पश्चिम जिले में सबसे अधिक 13 हत्या,गुमला जिले में 09 हत्याएं,गढ़वा जिले ने 06 और दुमका , खूंटी में 05 और 06 हत्याएं हो चुकी है,अधिकांश ग्रामीण पुलिस और कोर्ट जाने से डरते है,आज के वैज्ञानिक युग में झारखंड में लगभग 73 से अधिक हत्याएं की जा रही है,जिससे राज्य में अपराध की घटनाएं तेजी से बढ़ रही है,जिससे लगातार निर्दोष महिलाओं और व्यक्तियों की हत्याएं लगातार जारी है,झारखंड के विकास की गति प्रभावित हो चुकी है,आज की झारखंड सरकार मैया सम्मान योजना के वैसाखी पर चल रही है।आए दिन नए नए अपराधों के ग्राफ पूरे झारखंड में तेजी से बढ़े है,हजारीबाग के विष्णुगढ़ में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या,रामगढ़ के भुरकुंडा में अपराधियों और पुलिस की गोलीबारी, पतरातु में फायरिंग, उरीमारी में फायरिंग,सी एल सौंदा में चोरी की घटनाएं, भुरकुंडा के विजय ज्वेलर्स दुकान से लगभग करोड़ों रुपए के ज्वेलर्स की चोरी,बड़कागांव में चोरी,रांची में हत्याएं और चोरी ,साहेबगंज में महिला की हत्या और चोरी सहित कई जिलों ऐसी घटनाएं लगातार आम जनमानस के भावना को लगातार ठेस पहुंचा रही है और लोग राज्य में अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे है,लोगों में डर की भावनाएं बनी रहती है,आज राज्य के किसान भी राज्य सरकार से खुश नहीं है,उन्हें भी कई प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है,राज्य में केवल लुट तंत्र और अपराध तंत्र हावी है,ऐसे परिस्थिति में स्वयं ही राज्य के हेमंत सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए।