Eksandeshlive Desk
बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि वह कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) को बंद करने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इसके लिए विशेषज्ञों के साथ चर्चा की जा रही है। शिवकुमार का यह बयान कथित केपीएससी भर्ती घोटाले की जांच के लिए कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने के निर्देश के बाद आया है। बेंगलुरू में मीडिया से बात करते हुए शिवकुमार ने आरोप लगाया कि केपीएससी में कुछ शातिर लोग शामिल हो गए हैं, जिन अधिकारियों को भरोसा करके चयनित किया गया, वे ही इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।
शिवकुमार ने आरोप लगाया कि आयोग के कुछ सदस्यों ने वहां दुकान खोल रखी है। डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य पुलिस के अधिकारियों ने इस संबंध में दस्तावेज जुटाए हैं। एक दिन पूरा मामला सामने आएगा। उन्होंने उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी मामले की जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस विभाग भी मामले की जांच कर रहा है। शिवकुमार ने कहा कि बच्चों का भविष्य महत्वपूर्ण है। इसी वजह से सिद्धारमैया ने अपने कार्यकाल में केपीएससी में सदस्यों की संख्या कम की थी। उन्होंने कहा कि भरोसा करके पारदर्शी तरीके से अधिकारियों का चयन कर उन्हें जिम्मेदारी देने के बावजूद यदि वे इस तरह की गतिविधियों में शामिल होते हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
