Eksandeshlive Desk
लातेहारः शारदीय नवरात्र के अंतिम चार दिनों में अपने भक्तों को विभिन्न स्वरूपों में मनोवांछित फल का आशीष प्रदान करने वाली जगत जननी मां दुर्गा का विजयादशमी को जय दुर्गे के उद्घोषणा के साथ में भावपूर्ण विदाई दी गई है। जिले के विभिन्न शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गा पूजा समितियों के द्रारा स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का ढोल नगाडो़ एवं गाजे बाजे के साथ में शुक्रवार को भी पारंपरिक विधान से विसर्जन किया गया। इससे पहले गुरुवार को लगभग 6 स्थानों में स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया था इनमें मुख्य रूप से अम्बाकोठी , थाना चौक , नवरंग चौक , करकट , डूरूआ सहित अन्य पूजा पंडाल शामिल थे। इस दौरान में जिले में शुक्रवार को भी दिनभर रुक रुक बारिश हो रही थी भारी बारिश होने के बावजूद भी मूर्ति विसर्जन के शोभा यात्रा में हजारों की संख्या में सभी वर्गाे के महिला पुरुष भक्त शामिल हुये और नम आंखों से भक्तों ने मां को विदाई दी। विभिन्न पंडालों में स्थापित मां दुर्गा को सुहागन महिलाओं ने खोईछा भराई की और सिंदूर लगाया। मां दुर्गा को खोइछा देने के बाद महिलाओं ने पहले मां को सिंदूर लगाया फिर एक दूसरे संग सिंदूर खेल कर शुभकामनायें दी है साथ ही अगले वर्ष फिर आना मां के साथ जय कारे लगाई।
विसर्जन के दौरान में अक्सर बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बना हुआ रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुये जिला प्रशासन की ओर से तालाब के आस पास जवानों की तैनाती एवं गोताखोर की टीम को लगाकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किया गया
मेन रोड़ स्थित तालाब में गुरुवार की देर रात तक प्रतिमाओं का विर्सजन पूजा पंडालों में किया गया है वहीं कुछ पूजा पंडालों ने शुक्रवार को मां के प्रतिमा को नम आंखों से विदाई देते हुये में में रोड स्थित तालाब में विसर्जित कर दिया वहीं देहाती क्षेत्रों में भी दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन शुक्रवार को बड़े हर्षोल्लास के साथ में संपन्न हो गया।
