महाकवि बिनंद सिंह ‘बिनन्दिया’ झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर: संजय सेठ

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रांची/सिल्ली: भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्षों के सफल कार्यकाल के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में समाजसेवा एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली राज्यश्री सिंहदेव, धर्मपत्नी राजा पुष्पेंद्र सिंह सिंहदेव का सम्मानपूर्वक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में उनके सामाजिक कार्यों, जनसेवा के प्रति समर्पण तथा समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने पाँच परगना क्षेत्र के महान लोककवि महाकवि बिनंद सिंह ‘बिनन्दिया’ के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका साहित्य और संगीत झारखंड की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि राजपरिवार में जन्म लेने के बावजूद बिनन्दिया ने लोकसंस्कृति, भक्ति और जनजीवन को अपनी साधना का आधार बनाया तथा अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध किया। संजय सेठ ने कहा कि बिनन्दिया की रचनाओं में राधा-कृष्ण प्रेम, भक्ति, प्रकृति और लोकजीवन का अद्भुत चित्रण मिलता है। उनके गीत आज भी जनमानस में लोकप्रिय हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने महाकवि बिनंद सिंह ‘बिनन्दिया’ की रचनाओं के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्वी ग्रामीण जिलाध्यक्ष विनय महतो,धीरज महतो एवं सिल्ली मंडल अध्यक्ष अम्बुज रजक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में प्राप्त ऐतिहासिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में समाजसेवा, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले व्यक्तियों के सम्मान के माध्यम से समाज के प्रति सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया।

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