NEWS BY MUSTAFFA
मेसरा (रांची): जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा),रांची के तत्वावधान में शनिवार को ओरमांझी प्रखंड के बरवे पंचायत अंतर्गत हरचण्डा गांव में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष सह न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश,झालसा की सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना व रांची के न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन तथा डालसा सचिव राकेश रौशन की देखरेख में चल रहे 90 दिवसीय विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम के तहत आयोजित हुआ। शिविर में उपस्थित डालसा के पैरा लीगल वॉलिंटियर्स (पीएलवी) ने ग्रामीणों को मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) के कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। पीएलवी ने बताया कि डालसा सड़क दुर्घटना के पीड़ितों और उनके आश्रितों को तुरंत राहत,मुआवजा और मुफ्त कानूनी सहायता दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सड़क हादसे के शिकार परिवारों को डालसा की ओर से मुफ्त पैनल अधिवक्ता मुहैया कराए जाते हैं,जो पीड़ित परिवारों के घर जाकर जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी कराते हैं और विभिन्न योजनाओं के तहत मुआवजा केस फाइल करवाते हैं। शिविर के दौरान पीएलवी आशीष बैठा और शिला तिग्गा ने बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ कानून की जानकारी दी। साथ ही राज्य सरकार की विधवा व वृद्धा पेंशन जैसी लाभकारी योजनाओं से जुड़ने के तरीके बताए। वहीं पीएलवी रानी ठाकुर और दीपक गंझू ने ग्रामीणों को लेबर कार्ड के फायदे और सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया समझाई। पीएलवी जगमोहन मुण्डा ने समाज के दो बड़े अभिशाप-नशाखोरी और डायन बिसाही कुप्रथा के खिलाफ लोगों को जागरूक करते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। ग्रामीणों को जागरूक करते हुए पीएलवी सदस्यों ने बताया कि आगामी 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होने जा रहा है। इसमें लोग अपने दीवानी,आपराधिक (शमनीय),बिजली बिल,बैंक लोन और पारिवारिक वादों का आपसी समझौते के आधार पर तुरंत और स्थायी निपटारा करा सकते हैं। कार्यक्रम के समापन पर डालसा की ओर से उपस्थित ग्रामीणों के बीच कानूनी जानकारियों से युक्त प्रचार सामग्री (पैम्फलेट और लीफलेट) का वितरण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और डालसा के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
