राजधानी रांची सहित झारखंड के कई जिलों में बारिश, पश्चिमी सिंहभूम जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त

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Eksandeshlive Desk

रांची : राजधानी रांची और आसपास के क्षेत्रों के साथ ही झारखंड के कई जिलों में मंगलवार को रुक-रुक कर बारिश हो रही है। पश्चिमी सिंहभूम जिले में पिछले कई घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के गुवा, सारंडा, बड़ाजामदा, किरीबुरू और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जबकि कई निचले इलाकों में जलभराव से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। लगातार हो रही बारिश से सड़क संपर्क बाधित हो गया है और लोगों की दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। हालांकि राज्य में मानसून की रफ्तार अब भी सामान्य से पीछे चल रही है। राज्य में एक जून से 28 जुलाई तक सामान्य 478.3 मिलीमीटर के मुकाबले 352.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 27 प्रतिशत कम है। यह जानकारी मौसम विभाग ने मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दी।

मौसम सुहावना बना रहा और उमस से भी लोगों को राहत मिली : विभाग के अनुसार, राज्य के 24 जिलों में केवल पश्चिमी सिंहभूम में ही सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। जिले में सामान्य 461.9 मिलीमीटर के मुकाबले 534 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक है। इसके बाद सरायकेला-खरसावां में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई, जहां सामान्य 470.2 मिलीमीटर के मुकाबले 464.2 मिलीमीटर बारिश हुई। यह सामान्य से मात्र एक प्रतिशत कम है। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम, रांची और रामगढ़ में भी अपेक्षाकृत अच्छी वर्षा हुई है। इन जिलों में सामान्य से क्रमशः 13, 17 और 12 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि राज्य के अधिकांश अन्य जिलों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी कम बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड में पूरे मानसून सीजन के दौरान औसतन लगभग 1,200 मिलीमीटर वर्षा होती है। इसके मुकाबले अब तक लगभग एक-तिहाई बारिश ही दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में सबसे अधिक 167.2 मिलीमीटर वर्षा पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी में रिकॉर्ड की गई। वहीं, इस अवधि में सबसे अधिक तापमान बोकारो में 33.1 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम तापमान लातेहार में 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी रांची और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार सुबह से रुक-रुक कर पूरे दिन बारिश होती रही। लगातार बारिश के कारण लोगों को आवागमन और दैनिक कार्यों में कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, वर्षा से मौसम सुहावना बना रहा और उमस से भी लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को रांची में अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री और न्यूनतम 22.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जमशेदपुर में अधिकतम 33 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री, डाल्टनगंज में अधिकतम 32.6 डिग्री और न्यूनतम 24.2 डिग्री, बोकारो में अधिकतम 31.1 डिग्री और न्यूनतम 24.5 डिग्री, जबकि चाईबासा में अधिकतम 31.8 डिग्री और न्यूनतम 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

लगातार मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल, कारो नदी उफान पर : पश्चिमी सिंहभूम जिले में पिछले कई घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के गुवा, सारंडा, बड़ाजामदा, किरीबुरू और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जबकि कई निचले इलाकों में जलभराव से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। लगातार हो रही बारिश से सड़क संपर्क बाधित हो गया है और लोगों की दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। गुवा के बोकना स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के समीप कारो नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण नदी पर बने पुल के ऊपर करीब चार फीट ऊंचाई तक पानी बहने लगा। पुल पूरी तरह जलमग्न होने से गुवा-बड़ाजामदा-किरीबुरू-चाईबासा मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। कई यात्री घंटों तक पुल पर पानी कम होने का इंतजार करते रहे, जबकि जरूरी कार्य से निकलने वाले लोगों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ा। कई स्थानों पर सड़क किनारे वाहन खड़े कर लोग पानी उतरने का इंतजार करते नजर आए। भारी बारिश का असर केवल कारो नदी तक सीमित नहीं रहा। सारंडा और बड़ाजामदा क्षेत्र में भी जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बड़ाजामदा के मिडिल स्कूल, फुटबॉल मैदान और आसपास की बस्तियों में पानी भर जाने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। कई निचले इलाकों में घरों में पानी प्रवेश करना शुरू हो गया है, जिसके कारण लोग घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो कई और घर जलमग्न हो सकते हैं। बारिश का प्रभाव करमपदा, छोटानागरा, गंगदा समेत सारंडा के कई गांवों में भी देखने को मिल रहा है। निचले इलाकों में पानी भर जाने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। वहीं कई स्थानों पर तेज हवा और बारिश के कारण सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया।

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