रांची: रांची के हरमू चौक का नाम बदलकर विकसित भारत संकल्प सेवा चौक किए जाने को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रवक्ता अख्तर अली ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी सड़क, चौक या सार्वजनिक स्थल का नाम बदलना किसी राजनीतिक दल या उसके नेताओं की निजी जागीर नहीं है। इसके लिए निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। भाजपा नेताओं द्वारा अपनी मर्जी से नाम बदलकर बोर्ड लगा देना संविधान, लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक नियमों को चुनौती देने जैसा है। अख्तर अली ने कहा भाजपा बताए कि हरमू चौक का नाम बदलने का अधिकार उसे किस कानून ने दिया है। क्या अब नगर निगम, जिला प्रशासन और निर्धारित सरकारी प्रक्रियाओं की कोई जरूरत नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा को यदि वास्तव में विकसित भारत की चिंता है तो वह चौक-चौराहों के नाम बदलने के बजाय महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, युवाओं के रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आम जनता की बुनियादी सुविधाओं पर जवाब दे। नाम बदलने से विकास नहीं होता, विकास के लिए नीति, रोजगार और जनहित में काम करने की इच्छाशक्ति चाहिए। अख्तर अली ने जिला प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की तत्काल जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि सार्वजनिक स्थल का नाम बदलने तथा नया बोर्ड लगाने की अनुमति किसने दी। यदि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ है तो नया बोर्ड तत्काल हटाया जाए, सार्वजनिक संपत्ति के साथ की गई छेड़छाड़ पर प्राथमिकी दर्ज की जाए और जिम्मेदार भाजपा नेताओं एवं कार्यकतार्ओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन केवल बोर्ड हटाकर मामले को समाप्त न करे, बल्कि जिम्मेदारी तय करते हुए की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करे, ताकि भविष्य में कोई भी राजनीतिक दल कानून को अपने हाथ में लेने का दुस्साहस न कर सके। अख्तर अली ने कहा,झारखंड में कानून का राज चलेगा, किसी राजनीतिक दल की मनमानी नहीं। सार्वजनिक स्थान जनता के हैं, किसी पार्टी की निजी संपत्ति नहीं। प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे और यह स्पष्ट संदेश दे कि संविधान और कानून से ऊपर कोई नहीं है।
