Eksandeshlive Desk
रांची : संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), नई दिल्ली द्वारा 24 मई को आयोजित होने वाली सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा को लेकर रांची जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और शांतिपूर्ण परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रबंध किए हैं। जिले में कुल 36 परीक्षा केंद्रों को चिन्हित किया गया है, जिनके आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। जिला प्रशासन के अनुसार, परीक्षा के सुचारु, कदाचारमुक्त और पारदर्शी संचालन को ध्यान में रखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इस दौरान प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर संयुक्त निगरानी व्यवस्था लागू रहेगी।
रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्त निर्देश पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो पूरे परीक्षा काल के दौरान क्षेत्र में शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने का कार्य करेंगे।अनुमंडल दंडाधिकारी (सदर) द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू की गई है। यह आदेश परीक्षा के दिन निर्धारित समयावधि के लिए प्रभावी रहेगा। इस अवधि में संबंधित क्षेत्रों में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, ताकि किसी भी प्रकार की भीड़, अव्यवस्था या संभावित गड़बड़ी को रोका जा सके। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध सरकारी कार्यों में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। इसके अतिरिक्त शवयात्रा जैसी आवश्यक और सामाजिक परंपरागत गतिविधियों को इस आदेश से छूट दी गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लाउडस्पीकर, माइक एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसका उद्देश्य परीक्षार्थियों को शांत एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे वे बिना किसी व्यवधान के परीक्षा दे सकें। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से हथियारों के आवागमन पर भी सख्त प्रतिबंध लगाया है।
आदेश के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम, बारूद या अन्य विस्फोटक सामग्री लेकर परीक्षा केंद्रों के आसपास जाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा, भाला जैसे पारंपरिक हथियारों के साथ भी क्षेत्र में प्रवेश वर्जित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार की सभा, धरना, जुलूस या सामूहिक आयोजन की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय संभावित भीड़भाड़ और असामाजिक तत्वों द्वारा व्यवस्था बाधित किए जाने की आशंका को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जिला प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों, उनके अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और प्रशासन को सहयोग करें, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
