राची। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स)ी के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा समय पर सहायता प्राप्त करने के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं। कार्यक्रम के तहत रिम्स के डढऊ कॉम्प्लेक्स, ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र व शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र में लोगों को तनाव, चिंता, अवसाद, मादक पदार्थों के सेवन से जुड़ी समस्याओं तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों के प्रति जागरूक किया गया। ग्रामीण परिवारों, स्वयं सहायता समूहों, किशोर-किशोरियों एवं शहरी दैनिक मजदूरों तक भी जागरूकता संदेश पहुँचाया गया। साथ ही, मातृ मानसिक स्वास्थ्य और देखभालकतार्ओं के तनाव पर विशेष ध्यान दिया गया। कार्यक्रम के दौरान लंबे समय तक उदासी, अत्यधिक चिंता, नींद या भूख में बदलाव, सामाजिक गतिविधियों से दूरी तथा दैनिक कार्यों में रुचि कम होने जैसे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी संकेतों की पहचान के महत्व पर जोर दिया गया। लोगों को जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता लेने और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े कलंक एवं भ्रांतियों को दूर करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
विभाग की ओर से संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य, समग्र स्वास्थ्य का अभिन्न अंग है और मानसिक समस्याएँ कमजोरी का संकेत नहीं हैं। समय पर सहायता एवं उचित उपचार से प्रभावित व्यक्तियों को बेहतर जीवन जीने में मदद मिल सकती है। स्वयं को नुकसान पहुँचाने के विचार आने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है। कार्यक्रम का आयोजन सामुदायिक चिकित्सा विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. साहिल नयन रजनीश, डॉ. सुरेंद्र साहू एवं डॉ. सिंह भावना संजय तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थियों डॉ. अमिता सोनी, डॉ. सोनाली सहगल, डॉ. सौम्या एवं डॉ. मिडेन मुंडा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभाग के विद्यार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की।इस पहल का उद्देश्य समुदाय में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना, चेतावनी संकेतों की समय पर पहचान सुनिश्चित करना तथा जरूरतमंद व्यक्तियों को उचित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना था।
