चतरा : राजनीति के इस दौर में जहां अधिकांश जनप्रतिनिधि मंचों और औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नजर आते हैं, वहीं चतरा के सांसद कालीचरण सिंह की कार्यशैली एक अलग ही कहानी बयां करती है। बिना किसी विशेष प्रोटोकॉल या दिखावे के, गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनते सांसद की यह छवि लोकतंत्र की वास्तविक भावना को दर्शाती है।
चतरा को पहली बार स्थानीय सांसद मिलने का लाभ अब क्षेत्र की जनता को प्रत्यक्ष रूप से महसूस हो रहा है। सांसद कालीचरण सिंह केवल भाषण देने या आश्वासन बांटने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि लोगों के सुख-दुख में सीधे सहभागी बनते हैं। ग्रामीणों के बीच पहुंचकर वे न सिर्फ उनकी बातें सुनते हैं, बल्कि समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश भी देते हैं।
यही कारण है कि क्षेत्र के बुजुर्ग, महिलाएं और युवा उन्हें एक नेता से अधिक अपने परिवार का सदस्य और अभिभावक मानते हैं। आज जब राजनीति में जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच दूरी बढ़ती दिखाई देती है, तब कालीचरण सिंह की यह सहजता और विनम्रता एक बड़ा संदेश देती है कि जनसेवा का असली अर्थ जनता के बीच रहकर उनके जीवन से जुड़ना है।
