शिक्षक रविंद्र कुमार रवि को एक ही दिन मिलेंगे दो बड़े सम्मान

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By Ashok Anant

हंटरगंज/चतरा : शिक्षक दिवस के अवसर पर हंटरगंज प्रखंड के मध्य विद्यालय, कोबना में पदस्थापित शिक्षक रविंद्र राम उर्फ रविंद्र कुमार रवि को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। झारखंड के सरकारी विद्यालयों के बच्चों के लिए वर्ग 1 व 2 की अंग्रेजी पुस्तकों के लेखन में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए शिक्षक रवि को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान समारोह झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची के सभागार में आयोजित होगा, जहां शिक्षक रवि को स्मृति-चिह्न, प्रशस्ति-पत्र एवं शाल देकर सम्मानित किया जाएगा। शिक्षक दिवस पर मिलने वाला यह सम्मान शिक्षक रवि के लंबे शैक्षणिक योगदान और रचनात्मक कार्यों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।एक ही दिन दो सम्मान, हंटरगंज के लिए गर्व का क्षण होगी।शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षक रवि को एक और महत्वपूर्ण सम्मान मिलने जा रहा है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, सिमरिया, चतरा की ओर से आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में भी उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। एक ही दिन राज्य और जिला स्तर पर सम्मान मिलने की खबर से हंटरगंज एवं चतरा जिले में खुशी की लहर है। शिक्षक रवि का सम्मान क्षेत्र के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय बन गया है। पुस्तक लेखन में विशेष योगदान दिया है।शिक्षक रवि ने झारखंड सरकार के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत नन्हे बच्चों के लिए तैयार की गई वर्ग 1 व 2 की अंग्रेजी पुस्तकों के लेखन में विशेष योगदान दिया है। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी रचनात्मक सोच और बच्चों की आवश्यकता के अनुरूप सरल एवं प्रभावी शिक्षण सामग्री विकसित करने की क्षमता ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई है।वे केवल एक शिक्षक ही नहीं, बल्कि शिक्षाविद्, लेखक, साहित्यकार, सामाजिक चिंतक और पर्यावरण प्रेमी के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं।हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर उशकी मजबूत पकड़ रही है।शिक्षक रवि हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रभावशाली लेखन करते हैं। विशेष रूप से कविता लेखन में उनकी एक अलग पहचान है। सामाजिक सरोकारों, देशप्रेम, प्रकृति, शिक्षा और मानवीय मूल्यों पर उनकी लेखनी प्रभावशाली मानी जाती है। हाल ही में उन्हें आॅल इंडिया नेटवर्क आॅफ इंग्लिश टीचर्स से जुड़ने का अवसर मिला, जिसे उनके शैक्षणिक एवं साहित्यिक जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
कक्षा की चारदीवारी से बाहर भी ये शिक्षा की अलख जगा रहे है । शिक्षक रवि ने शिक्षा को केवल विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं रखा। वे बच्चों के बीच नियमित शिक्षण के साथ-साथ जरूरतमंद विद्यार्थियों को अतिरिक्त एवं उपचारात्मक शिक्षा भी प्रदान करते रहे हैं।
सम्मानित किया जा चुका है।

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