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साहिबगंज/राजमहल: राजमहल अंचल क्षेत्र के तीनपहाड़ में लंबे समय से विवादित चल रही आदिवासी भूमि को राजमहल अनुमंडल न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन ने खाली कराकर वास्तविक मालिक को सौंप दिया। यह कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दाग संख्या 225 की लगभग एक बीघा सात कट्ठा भूमि पर लंबे समय से एक गैर-आदिवासी व्यक्ति का कब्जा था। इस मामले की सुनवाई राजमहल अनुमंडल न्यायालय में चल रही थी। न्यायालय के निर्णय के बाद प्रशासन ने भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की।
कार्रवाई के दौरान राजमहल अंचलाधिकारी, तीनपहाड़ थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार पांडेय तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने जेसीबी मशीन की सहायता से भूमि पर बने निर्माण को हटाया और जमीन को खाली कराकर आदिवासी पक्ष को सौंप दिया। दूसरी ओर, प्रभावित पक्ष ने प्रशासनिक कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस कार्रवाई से उन्हें लगभग 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उनका दावा है कि उनका परिवार पिछले करीब 40 वर्षों से उक्त भूमि पर निवास कर रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की है तथा भूमि से संबंधित दस्तावेजों की पर्याप्त जांच नहीं की गई। प्रभावित पक्ष ने कहा है कि वे न्यायालय के फैसले और प्रशासनिक कार्रवाई को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख करेंगे तथा न्याय की मांग करेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई है और विधि-सम्मत प्रक्रिया का पालन किया गया है।
