ट्रंप के जब्त संपत्तियों के इस्तेमाल पर ईरान की चेतावनी, कहा- दुनिया में खतरनाक मिसाल बनेगी

INTERNATIONAL

Eksandeshlive Desk

तेहरान/न्यूयॉर्क : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए ईरान की जब्त की गई संपत्तियों के इस्तेमाल की बात कहे जाने पर तेहरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने चेतावनी दी कि किसी देश की संपत्ति को इस तरह ज़ब्त करना अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए खतरनाक मिसाल साबित होगा। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते सुरक्षा हालात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि पूरा क्षेत्र ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखाई दे रही है। उन्होंने सभी पक्षों से तत्काल तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में कदम उठाने का आह्वान किया।

…तो दुनिया में किसी भी देश की संपत्ति सुरक्षित नहीं रहेगी : ईरान की समाचार एजेंसी फ़ारस तथा तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू के मुताबिक, अरागची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि भविष्य में संभावित और असंबंधित दावों की भरपाई के लिए किसी दूसरे देश की संपत्ति ज़ब्त करना बेहद भड़काऊ कदम है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारें दूसरे देशों की संपत्तियों को ज़ब्त करना सामान्य प्रथा बना लेंगी, तो दुनिया में किसी भी देश की संपत्ति सुरक्षित नहीं रहेगी। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा, “जो लोग ऐसी ज़ब्त की गई संपत्तियों का स्वागत करते हैं या उनसे लाभ उठाते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि एक बार यह परंपरा शुरू हुई तो किसी की भी संपत्ति सुरक्षित नहीं बचेगी। इससे पैदा होने वाली अराजकता न तो वैश्विक स्थिरता के लिए अच्छी होगी और न ही शांति के लिए।” दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों, कार्गो या उनसे जुड़ी संपत्तियों को होने वाले किसी भी नुकसान की भरपाई अमेरिका के नियंत्रण में मौजूद ईरान की जब्त की गई संपत्तियों से की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इसके लिए किस फंड का इस्तेमाल किया जाएगा। अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत ईरान की अरबों डॉलर की संपत्तियां लंबे समय से फ्रीज़ हैं। ट्रंप के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच पहले से जारी तनाव और बढ़ गया है। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच क्षेत्र में लगातार सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों का सिलसिला जारी है, जिससे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा और स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

पश्चिम एशिया में हालात नियंत्रण से बाहर होने की कगार पर : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए गुटेरेस ने कहा कि मध्य पूर्व का संकट “अकल्पनीय स्थिति” की ओर बढ़ रहा है। उनके अनुसार, क्षेत्र लगातार व्यापक टकराव के दायरे में खिंचता जा रहा है, जहां एक संकट दूसरे संकट को जन्म दे रहा है और हर नई सैन्य कार्रवाई तनाव को और बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ते संघर्ष के बीच राजनीतिक समाधान पीछे छूटते जा रहे हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि उनका प्रशासन ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान पर विचार कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि वह इस संबंध में जल्द फैसला ले सकते हैं। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन की ओर से अभी तक किसी सैन्य कार्रवाई की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। क्षेत्र में संभावित तनाव बढ़ने की आशंका के बीच ब्रिटेन ने एहतियातन ईरान से अपने कुछ राजनयिक कर्मचारियों को अस्थायी रूप से वापस बुलाने की घोषणा की है। वहीं, जर्मनी ने लाल सागर से अपने दो नौसैनिक पोत हटाने का निर्णय लिया है। उधर, इजराइल के कई शहरों में बम आश्रयों (बंकरों) को खोल दिया गया है, जबकि अमेरिकी विदेश विभाग ने क्षेत्र में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा स्थिति बिगड़ने की स्थिति में हवाई उड़ानों पर भी असर पड़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र ने एक बार फिर सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और संवाद के माध्यम से विवादों का समाधान खोजने की अपील की है, ताकि क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की आशंका को टाला जा सके।

Spread the love