By Deepak Yadav
रांची: राज्य की प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं साहित्यिक संस्था झारखंड साहित्य संगम के तत्वावधान में रविवार को वाईबीएन यूनिवर्सिटी नामकुम के सभागार में एक गरिमामयी मुशायरा व कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस समारोह ने रांची के साहित्यिक पटल पर अपनी गहरी छाप छोड़ी, जिसमें राज्य भर से आए नामचीन साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों, शिक्षकों और कवियों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता रांची विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद रिजवान अली ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में इस प्रकार के साझा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मुशायरा और कवि सम्मेलन हमारी गंगा-जमुनी तहजीब के रक्षक हैं। वाईबीएन यूनिवर्सिटी के चेयरमैन आदरणीय रामजी यादव ने स्वागत अध्यक्ष के रूप में सभी मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया और शिक्षा के साथ-साथ साहित्यिक गतिविधियों को संरक्षण देने का संकल्प दोहराया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. ए. वदूद और विशिष्ट अतिथि के रूप में जनाब हसीब अख्तरऔर डॉ. जंग बहादुर पांडेय शामिल हुए। वक्ताओं ने झारखंड साहित्य संगम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था राज्य में उर्दू और हिंदी साहित्य के बीच सेतु का कार्य कर रही है। मुशायरे का संचालन प्रसिद्ध नाजिम निहाल हुसैन सरयावी ने अपने विशिष्ट और आकर्षक अंदाज में किया, जिसने श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा। कवियों और शायरों ने अपनी बेहतरीन गजलों, नज्मों और कविताओं के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों, मानवीय मूल्यों, प्रेम और भाईचारे का संदेश प्रसारित किया, जिस पर उपस्थित श्रोताओं ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
