म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग नई दिल्ली पहुंचे, एक जून को प्रधानमंत्री मोदी से करेंगे वार्ता

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Eksandeshlive Desk

नई दिल्ली : म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग शनिवार को बोधगया से नई दिल्ली पहुंचे। राजधानी पहुंचने पर केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री किर्ति वर्धन सिंह ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति की भारत यात्रा 30 मई से 3 जून तक चलेगी और यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही है। किर्ति वर्धन सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग का दिल्ली आगमन पर स्वागत करना सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच लंबे समय से चले आ रहे सभ्यतागत, सांस्कृतिक और जन-से-जन संबंधों को रेखांकित करती है। साथ ही यह विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने तथा क्षेत्रीय शांति, समृद्धि और संपर्क के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करती है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी एक्स पर राष्ट्रपति के आगमन का स्वागत करते हुए कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और सशक्त बनाने का अवसर उपलब्ध कराएगी। इससे पहले शनिवार को राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने महाबोधि मंदिर में दर्शन और प्रार्थना की। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच साझा बौद्ध विरासत पर आधारित गहरे आध्यात्मिक और सभ्यतागत संबंधों का प्रतीक है, जिसने दोनों देशों के लोगों को पीढ़ियों से जोड़ रखा है। राष्ट्रपति के साथ कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख उद्योगपतियों का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। राष्ट्रपति के रूप में यह उनकी पहली भारत यात्रा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग 1 जून को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता भारत और म्यांमार के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा करेंगे। राष्ट्रपति इस दौरान एक व्यापार एवं उद्योग मंच में भी भाग लेंगे। यात्रा कार्यक्रम के तहत राष्ट्रपति 2 जून को मुंबई का भी दौरा करेंगे, जहां वह उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करेंगे तथा विभिन्न स्थलों का भ्रमण करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’, ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘महासागर’ नीतियों के केंद्र में स्थित म्यांमार के साथ यह उच्चस्तरीय यात्रा दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को और मजबूत तथा गहरा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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