रांची: बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी), मेसरा ने साहेबगंज के 9 स्कूलों में आर्सेनिक निष्कासन फिल्टर लगाए हैं, जिससे 3,000 से अधिक विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। डॉ. कीर्ति अभिषेक और डॉ. विशाल एच. शाह की टीम ने इन फिल्टरों को स्थापित किया है, जो पूरी तरह प्रभावी ढंग से कार्य कर रहे हैं।शिक्षिका अनिता कुमारी कहती हैं, “ब्लू फिल्टर लगने के बाद अब स्थिति पहले जैसी नहीं रही। पानी बहुत अच्छा हो गया है और सभी इसका उपयोग कर रहे हैं।” पीएम श्री नगरपालिका कन्या विद्यालय के विज्ञान शिक्षक अनिकेत कुमार ने कहा, “काबोर्नेट तत्व पूरी तरह से खत्म हो गया है।”बीआईटी मेसरा की इस पहल से झारखंड के जमीनी स्तर पर मौजूद चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा रहा है। यह पहल संस्थान की सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है, और अनुसंधान, तकनीकी विशेषज्ञता और संस्थागत सहयोग का उपयोग कर झारखंड के जमीनी स्तर पर मौजूद चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा रहा है।इस पहल के तहत लगाए गए फिल्टर पूरी तरह प्रभावी ढंग से कार्य कर रहे हैं, और इसका सकारात्मक प्रभाव केवल प्रयोगशाला की रिपोर्टों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यालयों में प्रत्यक्ष रूप से भी दिखाई दे रहा है।आर्सेनिक एक जहरीला तत्व है, जो भूजल में पाया जाता है। इसके सेवन से कई गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं, जैसे कि कैंसर, स्किन डिसऑर्डर, और न्यूरोलॉजिकल समस्याएँ।बीआईटी मेसरा की इस पहल से साहेबगंज के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्वच्छ पेयजल मिल रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार हो रहा है।
