रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया संयोजक डॉ. एम तौसीफ ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि जेपीएससी विवाद के सूत्रधार झारखंड के पहले मुख्य मंत्री बाबूलाल मरांडी हैं। सबसे पहले बाबूलाल मरांडी के ऊपर जांच होनी चाहिए। उन्होंने अपने कार्यकाल में अपने चहेतों को जेपीएससी का अध्यक्ष और सदस्य बनाया था। उनलोगों का बैकग्राउंड किस विचारधारा से था। यह किसी से छिपा नहीं है। उस दौरान जेपीएससी में धांधली कर बाबूलाल के चाहने वालों को नौकरियां रेबड़ी की तरह बांटी गईं। दबाव के कारण जेपीएससी के पहले और दूसरे बैच को लेकर मुकदमा हुआ और मामला कोर्ट में गया। इससे यह प्रतीत होता है कि भाजपा ने सरकार में आने के साथ ही शिक्षा व्यवस्था को बिल्कुल ध्वस्त कर दिया। झारखंड में यह सिलसिला चलता है। उसके बाद भी भाजपा के कई मुख्यमंत्री आये लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। उदाहरण के तौर पर जबसे केंद्र में भाजपा सत्ता में आई है। लगातार पेपर लीक के मामले सामने आते रहे हैं। भाजपा ने पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। कांग्रेस पार्टी का मानना है कि नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि निष्पक्ष जांच केंद्र सरकार नहीं करा सकती। उसकी मुख्य वजह है कि भाजपा के द्वारा एक खास विचार धारा के लोगों को पूरे देश के एडुकेशन सिस्टम पर बैठा दिया गया है और वही लोग शिक्षा व्यवस्था को पंगु बनाने में उन्हीं लोगों का हाथ है। जिसकी वजह से छात्रों का भविष्य बर्बाद हुआ है। झारखंड के भाजपा के सांसद संसद भवन के परिसर में तख्ती लटका कर जेपीएससी-जेएसएससी का विरोध कर रहे हैं। अच्छा होता की नीट पेपर लीक को लेकर भी सदन में छात्रों के हित में बात करते और उनके लिए भी तख्ती लटका कर अपना विरोध जताते। क्योंकि झारखंड के भी छात्र नीट की परीक्षा में भाग लेते हैं लेकिन इन सांसदों ने ऐसा नहीं किया। ये सांसद सिर्फ राजनीतिक दिखावा कर रहे हैं।
