अशोक अनन्त
हंटरगंज/चतरा: दंतार पंचायत अन्तर्गत वन प्रक्षेत्र के ग्राम लेढ़ों के ख्वाबार जंगल डाहा स्थित वन विभाग के भूमि पर अतिक्रमण कर मकान बनाने का काम धड़ल्ले से चल रहा है, पर वन विभाग मौन है। कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के कर्मियों को कई बार सूचना दिया गया, बाबजूद कोई भी कर्मी इसपर ध्यान नहीं दिए। ना ही अभी तक वहां कोई वन कर्मी पहुंचे, अभी तक कोई कार्रवाई भी नहीं हुई है। इसको लेकर स्थानीय ग्रामीणों में विरोध देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग के कर्मियों के जमीन में कब्जे का मिलीभगत का भी आरोप लगाया है।
उनका आरोप है कि कई बार कॉल करने के बाद भी वन विभाग के सिपाही स्थल पर नहीं पहुंचे। इससे संदेह जाहिर होता है उनका साठगांठ अतिक्रमण कर रहे लोगों के साथ है। गांववालों के मुताबिक ये लोग पहले अतिक्रमण वन भूमि पर कच्चे मकान का निर्माण करते हैं। फिर इसे अन्य ग्राहकों को बेच देते हैं। फर्जी कागजात जैसे हुकुमनामा, पर्चा या भूदान जैसे अन्य प्रकार से खरीदारों का अधिकार संबंधित कागजात किसी प्रकार बनवा देते हैं। अवैध तरीके से खरीदारी करने वाले लोग भी इस खेल में भू-माफियाओं का साथ देते हैं। ताकि उनसे कोई जमीन छीन नहीं सके।
नाम नहीं छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि वन भूमि की जमीन पर अतिक्रमण कराना और फिर इसे बेच देने का यह खेल वर्षों से जारी है। जंगलों से पेड़ों की अवैध कटाई भी की जा रही है। 10 टेंपू प्रतिदिन कच्ची लकड़ी बाजार में ले जाकर बेचे जा रहे हैं। एक ओर जहां सरकार की ओर से पेड़ लगाओ पर्यावरण बचाओ का नारा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से भू माफियों के द्वारा जंगल को निरंतर उजाड़ा जा रहा है। इधर सिपाही दीपक खलखो ने बताया की हमें जानकारी नहीं है।
