Ashutosh Jha
काठमांडू : नेपाल के निर्वाचन आयोग ने नागरिक उन्मुक्ति पार्टी, नेपाल नामक राजनीतिक पार्टी को मान्यता देते हुए पंजीकरण प्रमाणपत्र दे दिया है। पार्टी का चुनाव चिन्ह चकिया दिया गया है। सामाजिक एकता को कायम रखते हुए नेपाल के तराई मधेश में निवास करने वाले बहुसंख्यक समुदाय- थारू, मधेशी, मुस्लिम, दलित सहित सभी का प्रतिनिधित्व होने के कारण नेपाल की राजनीति में इस दल के उदय होने से बहुआयामी सफलता की प्रबल संभावना दिखाई दे रही है। हाल ही में नेपाल में हुए जेन्जी विद्रोह को मद्देनजर रखते हुए इस पार्टी का अध्यक्ष भी जेन्जी पुस्ता के एक पच्चीस वर्षीय युवक कबीर सोप को बनाया गया है, जो दलित समुदाय से आते हैं। नेपाल में 28 घंटे में पूर्व केपी ओली सरकार का तख्ता पलट करने वाला जेन्जी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सोप पहले जेन्जी समूह से नागरिक उन्मुक्ति पार्टी नेपाल के अध्यक्ष बनाए गए हैं।
नेपाल के इतिहास में कभी भी पूर्व से पश्चिम तराई मधेश नहीं मिला हुआ था पर यह पार्टी पूरे तराई मधेश के भूभागों को राजनीतिक तौर पर एकीकृत कर रही है। पहचान, सम्मान सहित भौगोलिक, सांस्कृतिक संघीयता और सामुदायिक समाजवाद की मान्यता यह दल रखता है। नेपाल में व्याप्त बेरोजगारी, महंगाई नियंत्रण, शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार के समूल नाश सहित अन्य समस्याओं के समाधान करने का लक्ष्य नागरिक उन्मुक्ति पार्टी ने निर्धारित किया है। इस पार्टी के संरक्षक की भूमिका में रेशम लाल चौधरी हैं जबकि वरिष्ठ उपाध्यक्ष की भूमिका में पूर्व मंत्री अब्दुल खान हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले आम निर्वाचन में और सरकार में इस पार्टी की अहम भूमिका होगी। नागरिक उन्मुक्ति पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अब्दुल खान ने बताया कि थारू विद्रोह, मधेश विद्रोह,जेन्जी विद्रोह आदि की पहचान करते हुए इन आंदोलनों को राजनीतिक आंदोलन को मान्यता सरकार द्वारा प्रदान किए जाने की सशक्त आवाज नागरिक उन्मुक्ति पार्टी बुलंद करेगी।
