अशोक अनन्त
चतरा: सदर प्रखण्ड के कठौतिया मे नव वर्ष प्रतिपदा के आगाज पर कठौतिया तालाब में उमड़े श्रद्धालु, पारंपरिक स्नान के साथ किया नववर्ष का स्वागत।
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही भारतीय संस्कृति के अनुसार हिंदू नववर्ष यानी विक्रम संवत 2083 का आगाज़ हो गया है। इस खास मौके पर चतरा के प्रसिद्ध कठौतिया तालाब में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। लोगों ने पवित्र स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दिया और नए साल की मंगलकामना की। यह आयोजन चतरा नगर में पहली बार प्रांत मार्ग प्रमुख नित्यानंद उपाध्याय जी की प्रेरणा से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा नववर्ष के पहले सूर्योदय को सामूहिक अर्घ्य देकर नववर्ष की मंगलकामना के साथ जोरदार आयोजन किया गया,जिसमे सैंकड़ो श्रद्धालु भाग लिए।
यह आयोजन पांच वर्ष पहले नित्यानंद उपाध्याय के मार्गदर्शन मे जोरी से शुभारंभ किया गया इस कार्यक्रम को प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जोरी के द्वारा नववर्ष के पहले सूर्योदय को अर्घ्य देकर नववर्ष की मंगलकामना करने का कार्यक्रम किया गया। मौके पर स्वयंसेवक संघ के सदस्यों ने इस अवसर पर भारतीय परंपराओं के प्रति गौरव महसूस करने का संदेश दिया। बुधवार को चतरा के कठौतिया तालाब का नजारा पूरी तरह भक्तिमय रहा। चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने तालाब में स्नान कर भगवान को अर्घ्य समर्पित किया।उन्होंने कहा की हिंदुओं का असल नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है, जो वैज्ञानिक और प्राकृतिक रूप से भी सटीक है। इसी दिन से विक्रम संवत की नई गणना शुरू होती है। मौके पर मनोज कुमार सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि वे अपनी आने वाली पीढ़ियों को भारतीय पंचांग और संस्कृति के महत्व से अवगत कराएंगे। तालाब परिसर में पूजा-अर्चना के बाद लोगों ने एक-दूसरे को नववर्ष की बधाई दी। चतरा में चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के इस संगम ने यह साबित कर दिया कि आधुनिकता के दौर में भी सनातन परंपराओं की जड़ें कितनी गहरी हैं।
