Eksandeshlive Desk
वाशिंगटन/तेहरान : ईरान से जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिका के 3500 अतिरिक्त सैनिक पश्चिम एशिया पहुंच चुके हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार इन सैनिकों को यूएसएस त्रिपोली जहाज से भेजा गया है। सभी सैनिक 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का हिस्सा हैं। उनके साथ बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान और हथियार भी भेजे गए हैं। अमेरिका ने ईरान पर जमीनी सैन्य अभियान शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है। चीन की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक यूएस सेंट्रल कमांड ने शनिवार को घोषणा की कि 3,500 मरीन और नाविकों का टास्क फोर्स शुक्रवार को पश्चिम एशिया पहुंच गया है। कमांड ने एक्स पर संक्षिप्त पोस्ट में कहा, “यूएसएस त्रिपोली (एलएचए 7) पर सवार यूएस नाविक और मरीन 27 मार्च को कमांड के जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में पहुंच गए।” पोस्ट में बताया गया कि इन सैनिकों के पास परिवहन, स्ट्राइक फाइटर विमान और एम्फीबियस असॉल्ट व टैक्टिकल संसाधन भी मौजूद हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी मीडिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है। तेहरान टाइम्स ने अपने फ्रंट पेज पर ‘नरक में स्वागत है’ शीर्षक के साथ एक तीखा संदेश प्रकाशित किया, जिसमें कहा गया है कि अगर अमेरिकी सेना ईरान की जमीन पर कदम रखती है, तो वह “ताबूत में ही वापस जाएगी।”
पेंटागन मध्य पूर्व में 10,000 तक अतिरिक्त जमीनी सैनिकों को तैनात करने पर विचार कर रहा : ऑनलाइन अमेरिकी न्यूज पोर्टल वाईनेटन्यूज डॉट ने शनिवार को बताया कि यह ईरान के साथ चल रहे युद्ध से जुड़े यूएस सैन्य विस्तार का हिस्सा है। इसमें ऐसी एम्फीबियस सेनाएं शामिल हैं जो समुद्र-आधारित हमले और जमीनी दोनों तरह के ऑपरेशन करने में सक्षम हैं। ऐसी यूनिट्स का इस्तेमाल आमतौर पर तेजी से तैनाती के लिए किया जाता है, जिसमें रणनीतिक जगहों को सुरक्षित करना, लोगों को निकालना या तटीय लक्ष्यों पर संभावित हमले करना शामिल है। इससे पहले द वॉल स्ट्रीट जनरल ने गुरुवार को बताया कि पेंटागन पश्चिम एशिया में 10,000 तक अतिरिक्त जमीनी सैनिकों को तैनात करने पर विचार कर रहा है। रक्षा विभाग के अधिकारियों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सेना में, जिसमें संभवतः पैदल सेना और बख्तरबंद वाहन शामिल होंगे, उन लगभग 5,000 मरीन और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हज़ारों पैराट्रूपर्स को जोड़ा जाएगा, जिन्हें पहले ही इस क्षेत्र में जाने का आदेश दिया जा चुका है। द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन ईरान में लंबे समय तक चलने वाले जमीनी ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि हजारों अमेरिकी सैनिक और मरीन पश्चिम एशिया में पहुंच रहे हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कह चुकी हैं कि अगर तेहरान का नेतृत्व अपना परमाणु कार्यक्रम नहीं छोड़ता, अमेरिका और उसके सहयोगियों को धमकाना बंद नहीं करता तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ कहर बरपाने के लिए तैयार हैं।
ईरानी मीडिया की अमेरिका को सख्त चेतावनी : ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी मीडिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है। तेहरान टाइम्स ने अपने फ्रंट पेज पर ‘नरक में स्वागत है’ शीर्षक के साथ एक तीखा संदेश प्रकाशित किया, जिसमें कहा गया है कि अगर अमेरिकी सेना ईरान की जमीन पर कदम रखती है, तो वह “ताबूत में ही वापस जाएगी।” यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब खबरें हैं कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संभावित जमीनी कार्रवाई (ग्राउंड ऑपरेशन) के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, हालांकि इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। यदि अमेरिका ईरान के पास मौजूद संवेदनशील परमाणु सामग्री तक पहुंच बनाना चाहता है, तो उसे बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती करनी पड़ सकती है। बताया जा रहा है कि यह सामग्री जमीन के काफी अंदर सुरक्षित स्थानों पर रखी गई है, जिससे किसी भी ऑपरेशन को जटिल और जोखिमपूर्ण बनाया जा सकता है। ईरान पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि यदि उस पर जमीनी हमला होता है, तो वह कड़ा जवाब देगा। अखबार में सैनिकों की तस्वीरें प्रकाशित कर यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि देश किसी भी संभावित हमले का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता भी बढ़ती जा रही है।
