Eksandeshlive Desk
इस्लामाबाद : पाकिस्तान और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के बीच शांति की नई कोशिशें शुरू हो गई हैं। दोनों देशों में स्थायी संघर्ष विराम के लिए चीन की मध्यस्थता में उत्तरी शहर उरुमची में यह बातचीत शुरू की गई है। एक महीने से अधिक समय से चल रही हिंसा और हवाई हमलों के बाद इस पहल को उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि अब तक इसे लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। पाकिस्तानी मीडिया समूह जिओ न्यूज ने बुधवार को दो पाकिस्तानी अधिकारियों के हवाले से बताया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार की तरफ से चीन में वार्ता शुरू हुई है। चीन इस बातचीत में मध्यस्थता कर रहा है।
यह वार्ता क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल : सूत्रों ने बताया कि दोनों देशों के प्रतिनिधि उत्तरी चीन के उरुमची शहर में बैठक कर रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर मीडिया से बात करने की अनुमति न होने के कारण नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी। फिलहाल, इस पर चीन की ओर से आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। वहीं, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भी इस घटनाक्रम की न तो पुष्टि की है और न ही इसका खंडन किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वार्ता क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान पर हमेशा उन आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाता है जो पाकिस्तान के अंदर हमले करते हैं, खासकर पाकिस्तानी तालिबान। यह समूह हालांकि अलग है लेकिन अफ़ग़ान तालिबान के साथ इसका गहरा गठबंधन है। अफ़ग़ान तालिबान ने साल 2021 में अमेरिका के नेतृत्व वाली सेनाओं की वापसी के बाद अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़ा कर लिया था। पाकिस्तान के आरोपों को काबुल साफ तौर पर गलत बताता रहा है।
