मेसरा में गूंजेगा मां काली का जयकारा: राजसी परंपरा और श्रद्धा का अनूठा संगम 16 को

Ek Sandesh Live

News by Mustaffa

​मेसरा(रांची): राजधानी के मेसरा की धरती एक बार फिर भक्ति और भव्यता की साक्षी बनने जा रही है। बीआईटी मेसरा ओपी क्षेत्र स्थित प्राचीन जय मां रक्षा काली मंदिर में आगामी 16 अप्रैल को वार्षिक पूजा का आयोजन होगा। सैकड़ों वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी अपने उसी राजसी ठाठ-बाट और अटूट आस्था के साथ जीवंत है। ​राज परिवार की विरासत,जन-जन की आस्था: ​इस पूजा की सबसे बड़ी विशेषता इसका ऐतिहासिक पक्ष है। यह उत्सव सदियों से राज परिवार के सौजन्य से आयोजित किया जाता रहा है। राजसी काल से शुरू हुई यह पूजा आज मेसरा और आसपास के हजारों ग्रामीणों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। मंदिर समिति के अध्यक्ष भगवान शेखर ने बताया कि पूर्वजों के समय से चली आ रही इस परंपरा को आज भी पूरी शुचिता और भव्यता के साथ निभाया जा रहा है। 16 अप्रैल,गुरुवार को होने वाली इस पूजा का मुख्य आकर्षण रात की विशेष महापूजा होगी। मान्यता है कि मां रक्षा काली के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता। मन्नतें पूरी होने पर दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु यहां श्रद्धा के साथ बलि अर्पण भी करते हैं। ​उत्सव के खास आकर्षण: ​बिजली की दूधिया रोशनी पूरे मंदिर परिसर और मेसरा पंचायत को आकर्षक लाइटों से दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। पूजा के साथ-साथ मनोरंजन का तड़का लगाने के लिए बड़े मेले का आयोजन किया जा रहा है। बच्चों के लिए कई तरह के झूले और खिलौनों की दुकानें सजाई जा रही हैं। इस वार्षिक उत्सव में न केवल स्थानीय लोग,बल्कि रांची और अन्य जिलों से भी हजारों की संख्या में भक्त शामिल होंगे। मंदिर समिति(राज परिवार) और बीआईटी मेसरा ओपी प्रभारी अजय कुमार दास ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शांति और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें,ताकि राजसी परंपरा का यह उत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो सके।

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