Eksandeshlive Desk
रांची : चतुर्थ राजकीय गणतंत्र मेला महोत्सव 2026 में रांची और उत्तर प्रदेश के कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री दीपिका पांडे, एसपी मुकेश कुमार, एसडीएम बैद्यनाथ उरांव के हाथों दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन राकेश रमण रार ने किया। सरस्वती वंदना डॉक्टर रजनी शर्मा चंदा ने की। हास्य रस, वीर रस, श्रृंगार रस और माटी की खुशबू से पूरा काव्य पाठ सराबोर रहा। कविताओं का आनंद मेला परिसर में उपस्थित हजारों लोगों ने लिया। काव्य पाठ का शुभारंभ सरोज झा झारखंडी के गजलों से हुआ। अमन प्रियदर्शी ने हास्य रस में ‘तुम्हारे डिम्पल के सहारे हम दिन गुज़ार रहें, भले हो हमें पिंपल मगर तुम्हें निहार रहें’ पढ़ कर युवा वर्ग का दिल जीत लिया।
ओज से भरपूर चंदन प्रजापति ने ‘मां भारती के लाल हैं रक्त विजय के भूखे हैं, हम वही भगत सिंह की बोई हुई बन्दुकें हैं।’ सुना कर मंच से ऊर्जा का संचार किया। डॉ. रजनी शर्मा चंदा ने गांव की सोंधी खुशबू को गीतों के माध्यम से प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संतोष समर ने मां के लिए समर्पित भावों को सुना कर मंच को भावुक कर दिया। वहीं जानदार संचालन कर रहे राकेश रमण ने ‘दो ताली के बीच जो खाली है वह खाली ही बजाइए’ सुनाकर लोगों को खूब प्रोत्साहित किया। बिरसा की भूमि पर उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध कवि अजय अंजाम ने इस गणतंत्र महोत्सव में महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक की वीरगाथा को गोड्डा वासियों को सुनाया और खूब तालियां बटोरी। उन्होंने कहा कि ‘स्वाभिमान की,दीपशिखा को शान बनाकर बैठे हैं, देशधर्म की हुंकारों को गान बनाकर बैठे हैं, झारखंड की मिट्टी को ही चन्दन कहने वाले हम बिरसा मुंडा को मन में भगवान बनाकर बैठे हैं।’ राकेश रमण ने कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम स्थल पर गोड्डा के डी सी सहित अनेकों अधिकारियों ने इस काव्य सम्मेलन का आनंद लिया। अंत में सभी साहित्यकारों को जिला प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा सम्मानित किया गया।
