झारखंड स्टेट यूथ कमीशन और एनयूएसआरएल के बीच हुआ एमओयू, कुमार गौरव का विशेष व्याख्यान

Ek Sandesh Live

News by sunil

रांची : नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्ट्डी एंड रिसर्च इन लॉ, रांची और झारखंड स्टेट यूथ कमीशन के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमोयू युवाओं के समग्र विकास, नीति अनुसंधान, विधिक शिक्षा एवं सुशासन के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करेगा।
झारखंड स्टेट यूथ कमीशन (JSYC) की ओर से श्री वेद रत्न मोहन, संयुक्त सचिव सह सदस्य सचिव तथा NUSRL की ओर से प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल, कुलपति ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

एमओयू के प्रमुख उद्देश्य
इस समझौते के तहत निम्नलिखित बिंदुओं पर कार्य किया जाएगा:
• युवा-केंद्रित नीति अनुसंधान एवं विधिक जागरूकता को बढ़ावा देना
• प्रशिक्षण, कार्यशालाओं एवं कौशल विकास कार्यक्रमों का आयोजन
• युवा नेतृत्व, नवाचार एवं नागरिक सहभागिता के लिए मंच तैयार करना
• ज्ञान, संसाधनों एवं विशेषज्ञता का आदान-प्रदान

सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
• युवा नीति अनुसंधान एवं एडवोकेसी
• प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम
• राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय सेमिनार, कॉन्क्लेव, मूट कोर्ट एवं प्रतियोगिताएं
• संयुक्त शोध प्रकाशन एवं नीति पत्र
• इंटर्नशिप एवं फेलोशिप के अवसर
• आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग
यह एमओयू तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा।

विशेष व्याख्यान
एमओयू हस्ताक्षर के साथ ही “Ethics vs Success: What Kind of Lawyer Will You Be?” विषय पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया।
इस व्याख्यान को कुमार गौरव अध्यक्ष, झारखंड स्टेट यूथ कमीशन ने संबोधित किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में विधि के क्षेत्र में नैतिकता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सफलता और नैतिकता एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि “सफलता और नैतिकता के बीच संतुलन ही एक सच्चे विधि पेशेवर की पहचान है।”

उन्होंने छात्रों को ईमानदारी, सामाजिक उत्तरदायित्व और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित हुआ, जिसमें छात्रों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

Spread the love