एक ही पल में उजड़ गई पशुपालकों की पूंजी, वज्रपात से 20 मवेशियों की मौत

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By Amit Ranjan

जलडेगा: जलडेगा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिलिंगा सोनमेंजरा गांव में शनिवार रात प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचा दी। तेज बारिश और गरज-चमक के बीच हुए भीषण वज्रपात की चपेट में आने से एक साथ 20 गाय और बैलों की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना से गांव में मातम का माहौल है और पशुपालकों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।
ग्रामीणों के अनुसार शनिवार रात गांव के कई पशुपालकों की गाय और बैल गांव के समीप स्थित एक पुटकल पेड़ के नीचे खड़े थे। रात में अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली उसी पेड़ के पास गिर गई। वज्रपात इतना तेज था कि उसकी चपेट में आए सभी मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। रात होने के कारण किसी को तत्काल घटना की जानकारी नहीं मिल सकी।
रविवार अहले सुबह जब ग्रामीण पशुओं को देखने पहुंचे तो पेड़ के नीचे बड़ी संख्या में गाय और बैल मृत अवस्था में पड़े मिले। यह दृश्य देखकर गांव में अफरा-तफरी और शोक का माहौल बन गया। घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे। कई पशुपालकों का रो-रोकर बुरा हाल था, क्योंकि पशुपालन ही उनके जीविकोपार्जन का मुख्य साधन है।
इस हादसे में संजय जोंको की 2, फुलो रूनी की 3, सिसी देवी की 2, फुलजेंस सोरंग की 5, फिलोनुस डुंगडुंग की 2, नवान कुंडुंग की 2, निर्मला केरकेट्टा की 1, संतोषी सोरंग की 1, बासील डुंगडुंग की 1 तथा सुधीर डुंगडुंग की 1 गाय एवं बैलों की मौत हुई है। कुल मिलाकर 20 मवेशी वज्रपात की चपेट में आए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रभावित पशुपालकों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गरीब परिवारों के लिए मवेशी ही आय का प्रमुख साधन होते हैं और एक साथ इतने पशुओं की मौत से कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

टीनगिना मुखिया कल्याण गुड़िया ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। एक साथ इतनी संख्या में मवेशियों की मौत से कई परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। उन्होंने प्रशासन से जल्द सर्वे कर प्रभावित पशुपालकों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके।

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