संत निरंकारी चैरिटेबल फ़ाउंडेशन ने लगाया शिविर, 33 लोगों ने किया रक्तदान

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Eksandeshlive Desk

रांची : संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन रांची के तत्वधान में हर वर्ष की भांति इस साल भी 24 अप्रैल को प्रातः 10:00 बजे से 2:00 बजे तक संत निरंकारी सत्संग भवन बुध विहार में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में रांची कि महापौर रोशनी खलखो ने अपनी उपस्थिति मुख्य रूप से दर्ज कराई। मौक़े पर महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि निरंकारी मिशन मानव कल्याण में योगदान देता रहा है और मिशन द्वारा समाज में की गई सेवाओं को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि रक्तदान शिविर में बड़ा उत्साह है और यह मानवता की सेवा में एक महान योगदान है। निरंकारी मिशन द्वारा समय-समय पर किया गया कार्य काबिले तारीफ है।

जैसा कि ज्ञात हो निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के रक्तदान शिविर में 50 निरंकारी भक्तों ने रजिस्ट्रेशन करवाया, जिसमें जांच के बाद 33 यूनिट सदर हॉस्पिटल ने रक्तदान लिया। युग प्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी सदैव ही समाज कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत रहे और उनके उपदेशों को मानते हुए 1986 से लगातार रक्तदान कैंप का सिलसिला जारी है। बाबा हरदेव सिह ने कहा था कि इंसानी रक्त मानव की नाड़ियों में बहना चाहिए ना कि नालियों में। उनके उपदेश के चलते संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा हर वर्ष समय-समय पर रक्तदान कैंपों आयोजित किए जाता है संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन रक्तदान देने वाली विश्व स्तर की अपनी किस्म की अग्रणी संस्था है, जो इंसानों को मजहबों, जाति, रंगो, पहरावों, से ऊपर उठ कर हर एक में परमात्मा के स्वरूप को पहचाने का आह्वान देती है। संत निरंकारी मिशनपूरे विश्व में इस आयोजन को सफलतापूर्वक अंजाम दे रहा। रक्तदान शिविर के साथ-साथ सत्संग सभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें बरही के ज्ञान प्रचारक चैतन्य कुमार सिन्हा ने सतगुरु के संदेश को सांझा करते हुए बताया कि ज्ञान से मनुष्य का अज्ञान नष्ट हो जाता है। परमात्मा सूर्य की रोशनी के समान उनके अंदर ज्ञान प्रकाशित कर देता है। ज्ञान की रोशनी से अज्ञान का अंधेरा मिट जाता है। मन में जितने भी भ्रम होते हैं सब दूर हो जाते हैं। हर तरफ परमात्मा ही नजर आता है। जैसे सूर्य की रोशनी में हर वस्तु स्पष्ट नजर आती है उसी प्रकार ज्ञान का उजाला प्राप्त करके हर समय हर जगह परमात्मा नजर आने लगता है और जीवन प्रकाशमय हो जाता है। यहां भगवत गीता में श्री कृष्णा के संदेश का भी सहारा लेते हुए कहा गया कि श्री कृष्णा कहते हैं कि परम तत्व को जानकर आत्मबोध होने पर फिर मनुष्य मन बुद्धि को निष्ठा पूर्वक प्रभु में लगाकर परमात्मा की शरण में रहकर ही मुक्ति प्राप्त करता है। श्री कृष्णा परमात्मा का ज्ञान लेने को प्रेरित कर रहे हैं और कह रहे हैं कि परमात्मा को जानना ही ज्ञान है और परमात्मा को न जाना अज्ञान है मानव जीवन का उद्देश्य ही मुक्ति यानी मोक्ष जन्म मरण से मुक्त प्राप्त करना है। यह मुक्ति परमात्मा को जानकर इसका ज्ञान लेकर ही पाई जा सकती है। प्रभु को जाने बिना मोक्ष या मुक्ति संभव नहीं। मौके पर रांची जोन के संयोजक बहन चंपा भाटिया ने आए हुए मुख्य अतिथि और साथ संगत का धन्यवाद किया। सत्संग के उपरांत भक्तों के बीच गुरु का अटूट लंगर वितरण किया गया।

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