हत्या कर पहचान मिटाने के लिए शव को किया आग के हवाले, घने पेड़ों के बीच से तेज दुर्गंध आने पर हुआ खुलासा
Eksandeshlive Desk
मेसरा : राजधानी रांची के ग्रामीण इलाके ओरमांझी में अपराधियों ने एक बार फिर पुलिस को चुनौती देते हुए नृशंस हत्याकांड को अंजाम दिया है। सोमवार की सुबह दूनदून गांव के समीप घने जंगल में एक अज्ञात व्यक्ति का अधजला शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। हत्यारों ने न केवल बेरहमी से जान ली, बल्कि साक्ष्य और पहचान मिटाने के लिए शव को आग के हवाले कर दिया। झाड़ियों के बीच पड़ा विकृत शव, जमीन और पत्थरों पर जमे खून के थक्के अपराधियों की दरिंदगी की गवाही दे रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार की सुबह रोज की तरह दूनदून गांव के कुछ ग्रामीण जलावन के लिए सुखी लकड़ी और पत्ते चुनने जंगल की ओर निकले थे। इसी दौरान घने पेड़ों के बीच से तेज दुर्गंध आने लगी। जब ग्रामीण झाड़ियों के करीब पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनके पैर तले जमीन खिसक गई। एक अधजला मानव शव जमीन पर पड़ा था।
ग्रामीणों के शोर मचाने पर बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए, बाद में ओरमांझी पुलिस को सूचना दी गई। घटनास्थल का निरीक्षण करने पर पुलिस को शव के पास जमीन और पत्थरों पर खून के गहरे निशान मिले हैं। प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि अपराधियों ने मृतक को सुनसान जंगल में लाकर उसके सिर और चेहरे पर धारदार हथियार या भारी पत्थरों से जोरदार प्रहार किया। जब उसकी मौत हो गई, तो पहचान छिपाने की नियत से शव पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई। शव काफी हद तक जल चुका है, जिससे मृतक की उम्र और पहचान का अंदाजा लगाना फिलहाल मुश्किल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी शशिभूषण चौधरी स्वयं दल-बल के साथ मौके पर डटे रहे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया है। जिले के सभी थानों को अलर्ट भेजकर हाल के दिनों में दर्ज हुई गुमशुदगी की रिपोर्ट का मिलान किया जा रहा है। थाना प्रभारी ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से सुनियोजित हत्या का मामला है। साक्ष्य छुपाने के लिए शव को जलाने का प्रयास किया गया है। फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है और आसपास के गांवों में शिनाख्त की कोशिश जारी है। जल्द मृतक की पहचान और आरोपियों को दबोच लिया जाएगा।
