12 लाख टन कोयलों में लगी आग

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मूल विस्थापितों ने सरकार से कोयला उठाव की मांग को लेकर किया प्रर्दशन

Md Washim Ahmad

बालूमाथ: सीसीएल द्वारा संचालित तेतरियाखाड़ कोलियरी में पिछले कुछ वर्षों से जमा किया हुआ लगभग 12 लाख टन कोयला जो इस वक्त ग्रामीणों के परेशानी का सबब बना हुआ है। उसके उठाव की मांग को लेकर विस्थापितों ने प्रदर्शन किया। उक्त प्रदर्शन का नेतृत्व अर्जुन राम व सुरेश उराँव कर रहे थे। इनके नेतृत्व में विशाल रैली निकाली गई। रैली कई टोलो मुहल्ले का भ्रमण कर कोलयरी परिसर के स्टॉक परिसर पहुंचा। जहां आग लगे कोयला को डेकची, हडीया से बुझाने का प्रयास करते हुए प्रदर्शन किया गया। विस्थापित नेता सुरेश उराँव ने कहा कि हम लोग यहां के मूल विस्थापित हैं। यहां के ट्रक ऑनर एवं डीओ होल्डर पिछले कई वर्षों से यहां के विस्थापितों को छलने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि हम लोग भी पहले उनके बहकावे में आ कर हाईवा चलाने का विरोध करते थे। लेकिन ट्रक ऑनर एवं डीओ होल्डर ने बड़े-बड़े कोयले का उठाव कर लिया एवं छोटे वं डस्ट कोयले को छोड़ते चले गये। जिसके कारण छोटे एवं चूर कोयले का ऊंची पहाड़ नुमा स ढेर जमा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस बड़े कोयले से मोटी कमाई हुई उसका इस्तेमाल ट्रक ऑनर और डीओ होल्डर करते चले गए और बाकी बचे छोटे और चूर को एक किनारे करते गए। जिसके कारण धीरे-धीरे यह कोयला लगभग 12 लाख टन जमा हो गया। अब कोयला में आग लग चुका है। जिससे जहरीले धुआ निकल रहा है। इस धुंआ एवं उड़ने वाले धूलकण से लोग दम्मा और सांस लेने में तकलीफ जैसे गंभीर बीमारी से पीड़ित होते जा रहे हैं।

ट्रक ऑनर किसी भी परिस्थिति में नहीं चाहते हैं, कि यह कोयला यहां से उठे। इसलिए हम लोगों ने सरकार से मांग करते हुए कहा है, कि जहरीली और डस्ट से बचाव के लिए कोयला को हाईवा के माध्यम से उठाकर तुरंत भेजा जाए। क्योंकि इतना ज्यादा स्टॉक को ट्रक से भेजने में वर्षो लग जाएंगे। अर्जुन राम ने कहा कि जो यहां के मूल विस्थापित हैं वही इस समस्या से ग्रषित है। लेकिन बाहर के लोग अपने आप को विस्थापित बताकर यहां राजनीति कर रहे हैं। उपस्थित लोगों ने जब तक हाईवा नहीं चलेगा तब तक ट्रक नहीं चलेगा। हमारी मांगे पूरी करो, जहरीली धुआ व गर्दा से मुक्त करो समेत कई नारे लगा रहे थे। इस मौके पर संतोष यादव, राजेश राम, जगरनाथ यादव, अविनाश राम, किशुन उराँव, बिरशु उराँव, गणेश गंझू, संकर गंझू, मानती देवी, बसन्ती देवी रूबी देवी लाक्षो देवी समेत कई लोग शामिल थे।

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