नब्बे मीट्रिक टन एलपीजी के गबन के मामले में ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स का प्लांट मैनेजर गिरफ्तार, मालिक और डायरेक्टर की तलाश में छापेमारी

NATIONAL

Eksandeshlive Desk

रायपुर/महासमुंद : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एलपीजी गैस के बड़े गबन के मामले में पुलिस ने 40 सदस्यीय टीम बनाकर इस 1.5 करोड़ के गबन का पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के प्लांट मैनेजर निखिल वैष्णव (41) को 2 मई 2026 को पुलिस ने गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। महासमुंद पुलिस की रविवार को दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी के मालिक संतोष सिंह ठाकुर और डायरेक्टर सार्थक (साकिन) ठाकुर अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने कंपनी के कार्यालय से डीवीआर, कंप्यूटर और कई कच्चे दस्तावेज भी जब्त किए हैं, जिनसे अवैध बिक्री के सबूत मिले हैं।

पुलिस ने बताया है कि दिसंबर 2025 में सरायपाली प्रशासन ने अवैध रिफिलिंग के आरोप में 6 एलपीजी कैप्सूल टैंकरों को जब्त कर सिंघोड़ा थाने में रखा था। थाने में ज्वलनशील गैस के खतरे को देखते हुए, कलेक्टर के निर्देश पर इन ट्रकों को 30 मार्च 2026 को सुरक्षित रखने के लिए अभनपुर स्थित ‘ठाकुर पेट्रोकेमिकल कंपनी’ को सौंपा गया था। जब टैंकर मालिक उच्च न्यायालय से जमानत लेकर 17 अप्रैल को अपने वाहन वापस लेने पहुंचा, तो सभी टैंकर खाली मिले। जांच में पता चला कि कंपनी के मालिक और मैनेजर ने मिलकर सुनियोजित तरीके से 31 मार्च से 6 अप्रैल के बीच गैस को धीरे-धीरे खाली किया और उसे अवैध रूप से घरेलू व कमर्शियल सिलेंडरों में भरकर बाजार में बेच दिया। आरोपियों बताया कि गैस का रिसाव हो गया था। आरोपियों ने मात्र 5 दिनों (31 मार्च से 5 अप्रैल) के भीतर सभी 6 कैप्सूल ट्रकों से करीब 90 मीट्रिक टन गैस निकाल ली थी। इस गैस को कंपनी के अपने ‘बुलेट’ (बड़े स्टोरेज टैंक) में ट्रांसफर किया और वहां से घरेलू व कमर्शियल सिलेंडरों में भरकर ऊंचे दामों पर बाजार में बेच दिया गया, जिसकी कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला आपराधिक न्यास भंग का है। जांच में पाया गया कि कंपनी के मालिक, डायरेक्टर और प्लांट मैनेजर ने मिलकर साजिश रची और 31 मार्च से 6 अप्रैल 2026 के बीच सभी कैप्सूल से गैस को अवैध रूप से खाली कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए महासमुंद पुलिस ने 40 सदस्यीय टीम गठित कर चार दिनों के भीतर जांच पूरी की और पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। जांच के दौरान दस्तावेजों और लेन-देन के आधार पर गड़बड़ी की पुष्टि हुई।गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ की जा रही है।

Spread the love