By Mustaffa
मेसरा (रांची): शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और भविष्य की चुनौतियों को साझा करने के उद्देश्य से मनरखन महतो बीएड कॉलेज में शुक्रवार को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का भव्य आगाज हुआ। “सतत विकास के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई): नवाचार,चुनौतियाँ एवं भविष्य की दिशाएँ” विषय पर आयोजित इस सेमिनार के प्रथम दिन देशभर के शिक्षाविदों और शोधार्थियों ने शिरकत की। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) सरोज शर्मा,कॉलेज के अध्यक्ष मनरखन महतो एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में प्रो. शर्मा ने कहा,वर्तमान युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) न केवल एक तकनीक है,बल्कि सतत विकास का एक सशक्त माध्यम है। शिक्षा प्रणाली में इसका सही उपयोग भविष्य की पीढ़ियों को अधिक सक्षम बनाएगा। इस अवसर पर सेमिनार की स्मारिका और आईएसबीएन युक्त शोध पुस्तक का लोकार्पण किया गया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दूधेश्वर महतो ने स्वागत भाषण में सेमिनार की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। अंतरराष्ट्रीय कीनोट स्पीकर के तौर पर मलेशिया की डॉ. दलविंदर कौर ने ऑनलाइन जुड़कर एआई के वैश्विक प्रभावों पर चर्चा की,वहीं राधा गोविंद विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. रश्मि ने भी तकनीकी नवाचारों पर व्याख्यान दिया। शैक्षणिक विमर्श के साथ-साथ झारखंड की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिली। स्वागत नृत्य गणेश वंदना और दोपहर के भोजन के बाद प्रस्तुत नागपुरी नृत्य ने उपस्थित सभी 450 प्रतिभागियों का मन मोह लिया। कॉलेज के अध्यक्ष मनरखन महतो ने कहा कि ऐसे आयोजनों से शिक्षक और विद्यार्थी वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होते हैं। निदेशक मनोज कुमार महतो ने नवाचार अपनाने पर जोर देते हुए इसे समय की मांग बताया। कार्यक्रम में सरला बिरला विश्वविद्यालय के डॉ. गोपाल पाठक,उषा मार्टिन विश्वविद्यालय के डॉ. राजू कुमार,डॉ. सपना त्रिपाठी,डॉ. मौसमी कुमार,डॉ. ज्योति वालिया और डॉ. नाजिश नाज सहित कई शिक्षाविदों ने अपने विचार रखे। धन्यवाद ज्ञापन मुकुल कुमारी ने किया। इस दौरान ट्रस्टी विरेन्द्रनाथ ओहदार,प्रबंधक मुकेश कुमार एवं कॉलेज के सभी शिक्षक व कर्मचारी सक्रिय रहे।
