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मेसरा (रांची): बीआईटी मेसरा ओपी क्षेत्र के ग्राम पंचायत केदल स्थित मनरखन महतो बीएड कॉलेज में सतत विकास के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) : नवाचार,चुनौतियां एवं भविष्य की संभावनाएं’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शनिवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम के दूसरे दिन देश-विदेश के विशेषज्ञों ने भविष्य की शिक्षा और प्रशासन में तकनीकी बदलावों पर अपने विचार साझा किए। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित बिहार इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (गया) के केके शर्मा ने कहा कि एआई केवल शहरों तक सीमित नहीं है,बल्कि ग्रामीण विकास और प्रशासनिक सुधारों में यह एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है। वहीं,गया कॉलेज के शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय धीरज ने जोर दिया कि पारंपरिक शिक्षा प्रणाली में तकनीकी नवाचार समय की मांग है। मलेशिया की ग्लोबल एनएक्सटी यूनिवर्सिटी से आए डॉ. सौरव चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एआई के बढ़ते प्रभाव और इसकी भविष्य की दिशा पर शोधपरक जानकारी साझा की। तकनीकी सत्र में वतन डिजायर इन्फोटेक के प्रबंध निदेशक प्रियदर्शी अमर ने बताया कि कैसे उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। दोपहर के सत्र में आयोजित ‘बांस नृत्य’ ने अतिथियों और प्रतिभागियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। तकनीकी सत्र के दौरान विभिन्न कॉलेजों से आए शोधार्थियों ने अपने पत्र प्रस्तुत किए। इस अवसर पर रांची के विभिन्न बीएड कॉलेजों के प्राचार्य – डॉ. दशरथ महतो,डॉ. रीचा पद्मा,डॉ. अनुराधा कुमारी और डॉ. आरती कुमारी ने भी अपने विचार रखे। प्राचार्य डॉ. दूधेश्वर महतो ने सफल आयोजन पर सभी का आभार जताया। कार्यक्रम का समापन सहायक प्राध्यापक अंजलि हेंब्रम के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। मौके पर ट्रस्टी विरेन्द्रनाथ ओहदार, निर्देशक मनोज कुमार महतो, प्रबंधक मुकेश कुमार, प्रशासिका मीना कुमारी, खुशबू सिंह, कृति काजल सहित कॉलेज के सभी शिक्षक और प्रशिक्षु उपस्थित थे।
